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रीपा से महिलाओं के जनजीवन में आया सुधार बिस्किट बेकरी बेचकर कमाए 70 हजार

मनेंद्रगढ़छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना (रीपा) अपने उद्देश्य में लगातार आगे बढ़ते हुए सफलता प्राप्त कर रही है। इसके माध्यम से युवा और महिला उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत हो रही है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कलेक्टर श्री नरेंद्र दुग्गा के निर्देशन और ज़िला सीईओ श्री आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में भरतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत जनकपुर में सुविधा महिला स्व सहायता समूह की 5 महिलाओं के द्वारा रीपा के माध्यम से बेकरी बिस्किट का उत्पादन किया जा रहा है। उच्च गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक होने के कारण इसकी मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है। साथ ही ये उत्पाद, शुद्धता के साथ किफायती दरों पर आम लोगों को उपलब्ध भी हो रही है। समूह की महिलाओं ने बताया कि इस काम से उनके जीवन की राह भी आसान हुई है और वे आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। समूह की दीदियों के द्वारा अब तक कुल 70 हजार रुपये का बेकरी बिस्किट विक्रय किया गया है जिससे समूह को कुल 30 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपने घर के पास रोजगार के अवसर मिलने से समूह की महिलाएं और उद्यमी खुश हैं।

रीपा से महिलाओं के जनजीवन में आया सुधार

बिस्किट बेकरी बेचकर कमाए 70 हजार

मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना (रीपा) अपने उद्देश्य में लगातार आगे बढ़ते हुए सफलता प्राप्त कर रही है। इसके माध्यम से युवा और महिला उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत हो रही है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कलेक्टर श्री नरेंद्र दुग्गा के निर्देशन और ज़िला सीईओ श्री आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में भरतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत जनकपुर में सुविधा महिला स्व सहायता समूह की 5 महिलाओं के द्वारा रीपा के माध्यम से बेकरी बिस्किट का उत्पादन किया जा रहा है। उच्च गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक होने के कारण इसकी मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है। साथ ही ये उत्पाद, शुद्धता के साथ किफायती दरों पर आम लोगों को उपलब्ध भी हो रही है। समूह की महिलाओं ने बताया कि इस काम से उनके जीवन की राह भी आसान हुई है और वे आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। समूह की दीदियों के द्वारा अब तक कुल 70 हजार रुपये का बेकरी बिस्किट विक्रय किया गया है जिससे समूह को कुल 30 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपने घर के पास रोजगार के अवसर मिलने से समूह की महिलाएं और उद्यमी खुश हैं।

Shaif firdousi
Author: Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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