
अंबिकापुर. अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने शहर में नेत्र सुरक्षा के लिए एक अभियान चलाया है. मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने शुक्रवार को शहर में घूमकर लोगों को नेत्र सुरक्षा के लिए जागरूक किया. यह कैंपेन दरअसल एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी ऑप्थल्मोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया द्वारा चलाया जा रहा हैं. जिसमे दृष्टि रथ यात्रा के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों में जाकर लोगों को नेत्र सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है.

मेडिकल छात्रों ने किया जागरूक
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के प्रधान डॉ. स्वपन कुमार सामंत जो कि अकॉइन के जनरल सेक्रेटरी भी हैं, उनके द्वारा अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग और छात्रों के साथ मिलकर 3 मार्च को अम्बिकापुर में दृष्टि रथ यात्रा निकालकर नेत्र सुरक्षा हेतु लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया. इस अभियान के तहत मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के प्राध्यापक और छात्रों ने शहर और गांव में जाकर लोगों को नेत्र रक्षा के लिए पर्चे बांटे. मेडिकल के छात्रों ने लोगों को जानकारी दी.


डॉ. स्वपन कुमार सामंत ने नेत्र सुरक्षा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई हैं जिनका पालन करने से आंखों को स्वस्थ्य रखा जा सकता है.1. अपनी आंखों को दिन में 4 से 5 बार ठंडे पानी से धोएं.2. हर रोज सुबह एक-एक आंख बंद कर दूर की वस्तु देखकर चेक करें कि वह वस्तु साफ नजर आ रही है या नहीं.3. स्कूल और कॉलेजों में छात्रों को हमेशा एक ही स्थान पर नहीं बैठना चाहिए स्थान बदलकर बैठना चाहिए.4. जन्म के बाद नवजात बच्चे की आंखे 15 दिनों के भीतर जांच करवाएं और 8 से 9 महीनों के भीतर जांच करवाते रहें.5. प्रत्येक मधुमेह के मरीज हर 6 माह में अपनी आंखों की जांच कराएं.6. 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को अपने आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए. जिससे पता चल सके कि आंखों पर प्रेशर ज्यादा तो नहीं पड़ रहा.7. आंखों पर यदि चोट लग जाए तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.

नेत्रदान करें
इसके अलावा डॉ. स्वपन सामंत ने बताया कि मोतियाबिंद का सिर्फ एक ही इलाज है ऑपरेशन. सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है. साथ ही उन्होंने कहा कि नेत्र दान महादान है, यदि अस्पताल में कोई परिचित गुजऱ जाता है तो अस्पताल में ही उसका उसका नेत्र दान करें. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर बच्चे की आंखों की रोशनी चली जाए तो उसे नेत्रहीन विद्यालय में पढऩे भेजें.

विदेशों में फैलाएंगे जागरूकता
डॉ. सामंत ने बताया कि दृष्टि रथ यात्रा के माध्यम से भारत के हर एक जिले और पड़ोसी देश जैसे बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, नेपाल के 1400 जिलों में अगले 5 वर्षों में नेत्र सुरक्षा हेतु लोगों का जागरूक करने का उद्देश्य है. छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में अब तक दृष्टि रथ यात्रा के माध्यम से नेत्र सुरक्षा हेतु जनजागरण किया जा चुका है.।
डॉ. स्वपन कुमार सामंत ने नेत्र रोग विभाग को किया सम्मानित।

उक्त कार्यक्रम में नेत्र रोग विभाग के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अभिजीत जैन, डॉ श्रीमती प्रियंका गुप्ता, डॉ दीपा वाधवानी , डॉ, श्रीमती रजत टोप्पो डॉ शिवांगी गुप्ता डा डोमन लाल साहु यूवा पत्रकार संपादक सैफ फिरदौसी एवम नेत्र रोग विभाग के समस्त स्टॉफ उपस्थित रहे।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









