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Sitapur-में आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं का एक दिवसीय सेमिनार आयोजित, “हमर आंगनवाड़ी, हमर पहचान” पुस्तक का विमोचन

सीतापुर में आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं का एक दिवसीय सेमिनार आयोजित, “हमर आंगनवाड़ी, हमर पहचान” पुस्तक का विमोचन
सीतापुर-एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कमलापुरी भवन में आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं का एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में बच्चों के सर्वांगीण विकास, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में किए जा रहे नवाचारी प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में लगभग 120 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग  लिया।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अपने केंद्रों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों एवं नवाचारों की प्रस्तुति  दी  शिक्षिकाओं में अंजू गुप्ता, चमेली, बेरोनिका, सलोनी, रजनी एक्का, अनुपा, संगीता, सरस्वती, बसंती देवी, विमला तिर्की, कलावती भगत एवं अनीता मिंज शामिल रहीं। इन प्रस्तुतियों में प्रिंट रिच वातावरण, ECCE दिवस, खेल आधारित शिक्षण, बच्चों में भाषा विकास, भयमुक्त वातावरण, रोल प्ले, गीत एवं गिनती आधारित गतिविधियां, मांसपेशियों के संतुलित विकास, VHSND, ग्रोथ मॉनिटरिंग एवं टीकाकरण जैसे विषयों पर किए गए कार्य साझा किए गए। शिक्षिकाओं ने बताया कि गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चे सहज, आनंदपूर्ण एवं प्रभावी तरीके से सीखते हैं, जिससे उनके मानसिक, शारीरिक एवं भाषाई विकास को बढ़ावा मिलता है।

सेमिनार के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुभवों, नवाचारों एवं विभिन्न थीम पर किए गए कार्यों को संकलित कर तैयार की गई पुस्तक “हमर आंगनवाड़ी, हमर पहचान” का विमोचन सीतापुर के एसडी एम फागेश सिन्हा एवं सीडीपीओ अनुराधा तिग्गा द्वारा  किया गया। इस पुस्तक में आंगनवाड़ी केंद्रों में किए जा रहे जमीनी प्रयासों एवं प्रेरणादायक अनुभवों को स्थान दिया गया है।

एसडीएम Fagesh Sinha ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण के साथ कार्यकर्ता बच्चों के विकास के लिए कार्य कर रही हैं तथा अपने अनुभवों का दस्तावेजीकरण कर बड़े मंच पर साझा कर रही हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भी सीखने का माध्यम बनेंगे।

सीडीपीओ अनुराधा तिग्गा ने शिक्षिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों को जितना अधिक स्नेह, प्रेम एवं सीखने का सकारात्मक वातावरण मिलेगा, उतना ही बेहतर उनका विकास संभव हो पाएगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की बात कही।

कार्यक्रम को राजेश कुमार ने भी सम्बोधित कर अपने विचार रखे।

सेमिनार में 8 सेक्टर सुपरवाइजर, सीडीपीओ, एसडीएम एवं 3 शिक्षकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं प्रेरणादायक बनाया। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से राजेश, ज्ञान विकास, राकेश, यजत, नेहा, राहुल पॉल, राहुल साहू, आनंदिता, आदर्श, मधुश्री एवं श्रीमोई उपस्थित रहे। साथ ही सेक्टर सुपरवाइजर अन्ना खेस, वेदमती, सुनीता, विगनी पैकरा, नेहा, प्रीति, पुष्पलता एवं सरस्वती ने भी अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करते हुए शिक्षिकाओं का मार्गदर्शन किया।

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास हेतु किए जा रहे नवाचारी प्रयासों को साझा करना एक दूसरे से सिखने सिखाने के लिए वातावरण को बेहतर करना।

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Author: SNT NEWS

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