
जबकि कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री से क्षेत्र के 38 गांवों के विद्युतीकरण के लिए साढ़े 35 करोड़ रुपये की राशि मुख्य बजट में शामिल करने की मांग की है
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ राजेश गुप्ता सूरजपुर
ओड़गी/बिहारपुर- जिले के ओड़गी जनपद पंचायत अंतर्गत बिहारपुर क्षेत्र में गंभीर विद्युत संकट को लेकर कांग्रेसियों व कुछ लोगों के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-हड़ताल लगातार सातवें दिन भी जारी है। इसी बीच पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष व जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि धरने से पहले ही कैबिनेट मंत्री ने बजट की मांग कर चुकी हैं। कांग्रेस के लोग आज अपने झूठे बयानों से जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि हमारी विधायक और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महीनों पहले ही काम शुरू कर दिया था। दिनांक 14.02.2025 को माननीय मंत्री जी ने स्वयं मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर भटगांव विधानसभा के वनांचल और एलिफेंटकॉरिडोर क्षेत्र, टाइगर रिज़र्व क्षेत्र के 38 गांवों के विद्युतीकरण के लिए 3500.50 लाख (साढ़े 35 करोड़ रुपये) की राशि मुख्य बजट में शामिल करने की मांग की है।विपक्ष आज जाग रहा है, जबकि हमारी मंत्री जी ने फरवरी में ही इन गांवों के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया था।


यह उनकी सक्रियता का प्रमाण है।विद्युत विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, विभाग ने सामान्य जंगल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मसनकी, बांक, खैरा, बंधवई सहित अब नवडीहा, असुरा और कछिया को भी इस प्रस्ताव में शामिल कर लिया है।इन 7 गांवों में विद्युतीकरण के लिए कुल 52 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन का विस्तृत प्रस्ताव (Proposal) तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा जा चुका है। यह प्रमाण है कि सुशासन सरकार सिर्फ सर्वे नहीं कर रही, बल्कि अंतिम गांव तक लाइन पहुँचाने का रोडमैप तैयार कर चुकी है।मीडिया और जनता को यह समझना होगा कि भटगांव विधानसभा का यह क्षेत्र सामान्य मैदानी इलाका नहीं है। यह ‘गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान’, ‘तमोर पिंगला अभ्यारण्य’ और हाथी विचरण क्षेत्र (Elephant Corridor) में आता है।हाथियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए यहाँ सामान्य तार नहीं बिछाए जा सकते। इसीलिए मंत्री जी के निर्देश पर वन विभाग ने दिनांक 19.06.2025 को ऐतिहासिक आदेश जारी किया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अंडरग्राउंड विद्युत विस्तार का एस्टीमेट तैयार किया जाए।यह काम कठिन है, लेकिन हम नियमों का पालन करते हुए काम कर रहे हैं। हम कांग्रेस की तरह फाइलों को 10 साल तक दबाकर नहीं बैठे हैं।कांग्रेस से सीधा सवाल उन्होंने 10 साल में वन विभाग के साथ समन्वय करने की हिम्मत नहीं दिखाई। केवल भ्रष्टाचार किया, कभी क्षेत्रवासियों के हित में नहीं सोचा।आज जब हमारी सरकार 35 करोड़ रुपये का बजट पास कराने का प्रयास कर रही है, तो वे अपनी 10 साल की नाकामी छिपाने के लिए भाषण दे रहे हैं।विपक्ष यह झूठ फैलाना बंद करे कि हमने जनता को अंधेरे में रखा है। चूंकि टाइगर कॉरिडोर और वन कानूनों के कारण ग्रिड लाइन (खंभे) पहुंचने में समय लग रहा है, इसलिए सुशासन सरकार ने हाथ पर हाथ धरे बैठने के बजाय विशेष प्रभावित क्षेत्र में तुरंत व्यवस्था की है। मंत्री जी के प्रयास से क्रेडा (CREDA) विभाग द्वारा 69 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे वन क्षेत्रों में सोलर पावर (बैटरी इनवर्टर) लगाकर विद्युतीकरण एवं सुधार किया गया है। इसके अलावा, पेयजल के लिए 50 लाख रुपये के सोलर ड्यूल पंप मंजूर कराए गए हैं. हमारा विजन साफ है- अभी सोलर से रोशनी और जल्द ही 35 करोड़ के बजट से स्थायी बिजली।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









