
भटगांव में धूल का तांडव, जनता बेहाल, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
अमृत जल मिशन की खोदाई के बाद सड़कों पर मिट्टी का कब्जा, धूल के गुबार से राहगीर परेशान, पानी का छिड़काव नदारद, सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर नागरिकों ने मांगी राहत
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
सूरजपुर –– नगर पंचायत भटगांव में अमृत जल मिशन के निर्माण कार्य के चलते उड़ रही धूल ने आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। मुख्य मार्ग से लेकर गली-मोहल्लों और वार्डों तक सड़कों पर फैली मिट्टी के कारण धूल के गुबार उठ रहे हैं। साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों से लेकर पैदल चलने वाले राहगीरों तक को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि धूल पर नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव जैसी बुनियादी व्यवस्था भी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में नगर पंचायत की व्यवस्था और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।
अमृत जल मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई सड़क खोदाई के बाद मिट्टी और रेत सड़क पर बिखरी पड़ी है। वाहनों की आवाजाही के साथ धूल के गुबार उठते हैं, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और सड़क किनारे रहने वाले परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लगातार धूल उड़ने से नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है, लेकिन नियमित पानी का छिड़काव और सड़क की सफाई जैसी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित नहीं होने से लोगों की नाराजगी बढ़ रही है।
चारपहिया वाहनों में सफर करने वालों को भले ही धूल से कुछ राहत मिल जाती हो, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए सड़क से गुजरना चुनौती बन गया है। धूल के गुबार के बीच आवागमन करना लोगों की मजबूरी बन चुका है। सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य के कारण आम जनता को परेशानी हो रही है, तो निर्माण एजेंसी और नगर पंचायत के जिम्मेदार नागरिकों को राहत देने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं?
इस समस्या को लेकर नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत भटगांव को ज्ञापन सौंपकर तत्काल निराकरण की मांग की है। ज्ञापन में फुटबॉल ग्राउंड चौक से तहसील कार्यालय होते हुए मिशन चौक तक प्रतिदिन कम से कम दो बार पानी का छिड़काव कराने, सड़क पर फैली मिट्टी और रेत को हटाने तथा निर्माण कार्य को शीघ्र और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने की मांग की गई है। नागरिकों ने जनस्वास्थ्य और आवागमन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अब देखना यह है कि ज्ञापन मिलने के बाद नगर पंचायत प्रशासन नागरिकों की परेशानी दूर करने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है। क्या सड़कों पर पानी का नियमित छिड़काव होगा, मिट्टी हटाई जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी, या फिर शिकायत कागजों तक ही सीमित रह जाएगी? जनता को आश्वासन नहीं, जमीन पर समाधान चाहिए। विकास कार्यों की आड़ में नागरिकों को धूल के गुबार के बीच जीने और आवागमन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को तत्काल व्यवस्था सुधारकर भटगांव के लोगों को राहत देनी चाहिए।












