
फर्जी ट्रांजिट पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़ वाहन चालक समेत मुख्य तस्कर प्रमोद केरकेट्टा गिरफ्तार, गाड़ी व काष्ठ जब्त
अंबिकापुर रेंज के रामानुजगंज बैरियर पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई झारखंड पासिंग वाहन से हो रही थी तस्करी, दो आरोपियों के खिलाफ POR दर्ज
अंबिकापुर सरगुजा SNT NEWS-सरगुजा वन विभाग ने फर्जी ट्रांजिट पास (टीपी) के जरिए बेशकीमती आम की लकड़ी का अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले गिरोह पर कड़ा प्रहार किया है। बेशकीमती लकड़ी की अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह की कमर तोड़ दी है IFS कुणाल मिश्रा के स्पष्ट और कड़े निर्देश पर वन अमले ने रामानुजगंज बैरियर पर सघन नाकेबंदी कर अवैध लकड़ी से लदे एक ट्रक को रंगे हाथों धर दबोचा।वन परिक्षेत्र अंबिकापुर अंतर्गत रामानुजगंज बैरियर पर सघन जांच के दौरान वन अमले ने अवैध काष्ठ से लदे एक वाहन को पकड़ा। मामले में वन विभाग ने वाहन चालक समेत लकड़ी की तस्करी में लिप्त आरोपी प्रमोद केरकेट्टा को धर दबोचा है। टीम ने मौके से लकड़ी सहित झारखंड पासिंग वाहन को भी जब्त कर लिया है।

जांच में पकड़ में आई फर्जी टीपी की चालाकी
मिली जानकारी के मुताबिक, रामानुजगंज बैरियर पर तैनात वन अमला वाहनों की नियमित जांच कर रहा था। इसी दौरान झारखंड पासिंग वाहन क्रमांक JH 09 AS 2401 वहां पहुंचा। बैरियर स्टाफ ने जब गाड़ी रोककर लकड़ी परिवहन से जुड़े कागजात मांगे, तो आरोपियों ने एक ट्रांजिट पास (टीपी) पेश किया। दस्तावेज संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने रिकॉर्ड और तकनीकी माध्यमों से पड़ताल की, जिसमें उक्त टीपी पूरी तरह फर्जी पाया गया।
चालक और तस्कर दोनों पर शिकंजा
दस्तावेज फर्जी साबित होते ही वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लकड़ी तस्करी में शामिल प्रमोद कुमार केरकेट्टा (पिता: प्रेम लाल केरकेट्टा) और वाहन चालक बीरबल सिंह (पिता: निहोरा सिंह) को गिरफ्तार कर लिया। विभाग ने प्रकरण में POR क्रमांक 20625/20 दर्ज करते हुए आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम, 2001 की धारा 3, 4, 5, 6 व 22 के तहत जुर्म दर्ज किया है। वहीं, भारतीय वन अधिनियम की धारा 52(1) के तहत काष्ठ एवं वाहन को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए जब्ती बना ली गई है।
पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े नेटवर्क के राज
इस सफल कार्रवाई में परिक्षेत्राधिकारी आशीष देवांगन, परिक्षेत्र सहायक दिनेश टोप्पो, वनरक्षक नवीन कुमार सिंह, संदीप किंडो, सुभाष सिंह और बैरियर पर मुस्तैद स्टाफ की अहम भूमिका रही। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार चालक और तस्कर से गहन पूछताछ की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि फर्जी टीपी कहां तैयार की गई थी और इस अवैध लकड़ी की खेप को कहां खपाने की योजना थी। मामले में जल्द ही अन्य संलिप्त चेहरों के सामने आने की संभावना है।












