शिक्षा के मंदिर में छात्र से मारपीट का आरोप ओमकारा पब्लिक स्कूल पर उठे सवाल !

शिक्षा के मंदिर में छात्र से मारपीट का आरोप, ओमकारा पब्लिक स्कूल पर उठे सवाल

थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग बच्चों की सुरक्षा और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर उठे सवाल

सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर  राजेश गुप्ता
सूरजपुर/भैयाथान:– जिले के विकासखंड भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत सलका के अधीना में संचालित ओमकारा पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में एक बच्ची के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। मामले को लेकर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

शिक्षण संस्थानों को बच्चों के भविष्य निर्माण के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी निभानी होती है। अभिभावक अपने बच्चों को इस विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं कि वहां उन्हें शिक्षा के साथ सुरक्षा और बेहतर संस्कार भी मिलेंगे। ऐसे में किसी बच्ची के साथ कथित मारपीट की शिकायत सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, छात्र  के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर पुलिस से शिकायत की गई है और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि घटना स्कूल परिसर में हुई, तो उस समय बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोग कहां थे? क्या स्कूल प्रबंधन को घटना की जानकारी थी? यदि जानकारी थी, तो बच्ची की सुरक्षा और शिकायत के निराकरण के लिए क्या कदम उठाए गए? इन सवालों का जवाब सामने आना जरूरी है।

स्कूल का दायित्व केवल बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान देना और परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं है, बल्कि उनके लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना भी है। किसी भी शिक्षण संस्थान से जुड़ी ऐसी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाना चाहिए, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारी तय हो सके।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, शिकायत से जुड़े सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयान भी निष्पक्षता से सामने आने चाहिए, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो। पुलिस की जांच और स्कूल प्रबंधन का पक्ष इस मामले में महत्वपूर्ण है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों का भरोसा बनाए रखना किसी भी स्कूल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो उस पर संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है और शिकायत सामने आने के बाद क्या कदम उठाए गए हैं।

अब निगाहें पुलिस की जांच और स्कूल प्रबंधन के पक्ष पर टिकी हैं। मामले में पारदर्शी जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शिक्षा के मंदिर में बच्चों की सुरक्षा केवल दावों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हर शिक्षण संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सवाल यही है कि बच्ची के साथ कथित मारपीट की शिकायत पर जवाबदेही कब और कैसे तय होगी?

Picture of SNT NEWS

SNT NEWS

आपकी सोच से भी तेज Contact for news - advertisement 9131952416

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज