अंबिकापुर में महावीर हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई:-एक महीने के लिए लाइसेंस निलंबित, आयुष्मान योजना से भी हटाने की तैयारी

अंबिकापुर में महावीर हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई: एक महीने के लिए लाइसेंस निलंबित, आयुष्मान योजना से भी हटाने की तैयारी

न्यूरो सर्जरी और आयुष्मान योजना में अनियमितताओं की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग का एक्शन; मरीज के परिजनों से ₹87,300 लेने की बात जांच में आई सामने

अंबिकापुर, 13 अक्टूबर 2026। सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर स्थित श्री महावीर हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एक मरीज के इलाज में कथित चिकित्सकीय लापरवाही और आयुष्मान योजना के नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायत की जांच के बाद अस्पताल का लाइसेंस/पंजीयन एक महीने के लिए निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही अस्पताल को आयुष्मान योजना एवं खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत आगामी तीन महीने के लिए निलंबित करने हेतु शासन को प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यूरो सर्जरी को लेकर उठे गंभीर सवाल
प्राप्त आदेश के अनुसार, शिकायतकर्ता सुश्री मृण्मयी पाण्डेय ने अस्पताल पर मरीज की मेडिकल रिपोर्ट, सीटी स्कैन, एक्स-रे, रेफरल एवं डेथ समरी उपलब्ध नहीं कराने, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूलने तथा उचित इलाज नहीं मिलने के कारण मरीज की मृत्यु होने के आरोप लगाए थे।

शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अंबिकापुर के माध्यम से जांच टीम गठित की गई। जांच प्रतिवेदन और अस्पताल के स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई का निर्णय लिया।

पंजीयन में दर्ज नहीं था न्यूरो सर्जरी करने वाले चिकित्सक का नाम -जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, मरीज की न्यूरो सर्जरी करने वाले चिकित्सक का नाम अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में दर्ज नहीं पाया गया। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि न्यूरो सर्जरी जैसी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का उल्लेख अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में नहीं था।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया कि मरीज का इलाज अन्य चिकित्सकों की टीम ने किया था। हालांकि, जांच प्रतिवेदन में नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी प्रोप्राइटर की होने और संबंधित चिकित्सकीय सेवाएं शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं देने का उल्लेख किया गया है।

जांच में मरीज के रेफरल की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।

आयुष्मान कार्ड से भुगतान के बाद भी ₹87,300 लेने का उल्लेख आदेश के अनुसार, अस्पताल के दस्तावेजों में मरीज के इलाज के लिए आयुष्मान योजना के तहत पूरी राशि बुक किए जाने का उल्लेख है। इसके बावजूद मरीज के परिजनों से ₹87,300 अतिरिक्त लिए जाने की बात जांच में सामने आई।

विभागीय आदेश में यह भी कहा गया है कि अस्पताल के खिलाफ पूर्व में भी मरीज से अधिक राशि लेने की शिकायत मिली थी, जिस पर अस्पताल को चेतावनी दी गई थी।

स्वास्थ्य विभाग ने उक्त ₹87,300 की राशि मरीज के परिजनों को वापस करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आयुष्मान योजना और खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अस्पताल का पंजीयन तीन महीने के लिए निलंबित करने की प्रक्रिया के लिए शासन को प्रतिवेदन भेजने का उल्लेख किया गया है।

17 अक्टूबर से 16 नवंबर तक निलंबित रहेगा लाइसेंस

जांच में पाए गए तथ्यों और नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर श्री महावीर हॉस्पिटल का लाइसेंस/पंजीयन 17 अक्टूबर 2026 से 16 नवंबर 2026 तक एक महीने के लिए निलंबित किया गया है।

यह कार्रवाई अस्पताल में न्यूरो सर्जरी जैसी गंभीर चिकित्सा सेवाओं और आयुष्मान योजना के नियमों के पालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद की गई है।

अब आगे क्या ? अस्पताल से राशि वापस कराने और आयुष्मान योजना के तहत तीन महीने के निलंबन की कार्रवाई पर शासन के स्तर पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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