
शिक्षकों से राशि मांगने, आवेदन लंबित रखने के आरोप; बीईओ को नोटिस
टीचर्स एसोसिएशन की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दो दिन में मांगा जवाब, संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
रुपेश गुप्ता—सीतापुर। विकासखंड शिक्षा कार्यालय सीतापुर में शिक्षकों से कथित रूप से राशि मांगने, उनके आवेदन लंबित रखने और दस्तावेजों के गायब होने जैसी शिकायतों के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर ने प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में शिकायत में उल्लेखित बिंदुओं पर दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा 23 सितंबर को की गई शिकायत का हवाला दिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विकासखंड शिक्षा कार्यालय में शिक्षकों से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए कथित रूप से राशि की मांग की जाती है। राशि नहीं देने पर कुछ प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की बात भी शिकायत में कही गई है।
5-6 माह से एक साल तक प्रकरण लंबित होने का आरोप
शिकायत के अनुसार अवकाश स्वीकृति और वेतन भुगतान से जुड़े कुछ मामले 5-6 माह से लेकर करीब एक वर्ष तक लंबित बताए गए हैं। शिकायत में सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों अभिषेक गुप्ता और निरंजन बड़ा के साथ प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी के नाम का उल्लेख करते हुए राशि मांगने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इसके अलावा शिक्षकों के अवकाश आवेदन और मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र कार्यालय से गायब होने, आवक-जावक में आवेदन लेने से मना करने तथा आवेदन की पावती नहीं देने जैसी शिकायतें भी की गई हैं। सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन प्रकरण उच्च कार्यालय भेजने, परीक्षा अनुमति देने, सर्विस बुक संधारण और जीपीएफ पासबुक एवं अभिलेखों को अपडेट करने में कथित देरी का भी उल्लेख शिकायत में है।
प्रभारी बीईओ बोले- आरोप निराधार, शिकायत की जानकारी नहीं
मामले में प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह ने कहा कि उन्हें शिकायत की कोई जानकारी नहीं है और किसी शिक्षक ने भी उन्हें इस संबंध में शिकायत की जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यालय के किसी बाबू ने उनके नाम से किसी शिक्षक पर दबाव बनाया है तो इसकी भी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
दो कर्मचारियों की पदस्थापना स्कूलों में, कार्यालय का भी संभाल रहे काम
बताया गया है कि विकासखंड शिक्षा कार्यालय में वर्तमान में कर्मचारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। कार्यालय के अनुसार, जिन दो कर्मचारियों के नाम शिकायत में सामने आए हैं, उनकी मूल पदस्थापना स्कूलों में है, लेकिन वे स्कूल की जिम्मेदारियों के साथ बीईओ कार्यालय का काम भी देख रहे हैं। वर्तमान में कार्यालयीन कामकाज का बड़ा हिस्सा एक सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी के भरोसे संचालित होने की बात भी सामने आई है।
पहले भी कार्रवाई का मामला
कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पूर्व में प्रभारी बीईओ समेत सहायक ग्रेड-2 के दो कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के मामले में कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में वर्तमान शिकायत सामने आने के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली और लंबित प्रकरणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

दो दिन में जवाब नहीं तो एकपक्षीय कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि शिकायत में उल्लेखित बिंदुओं पर प्रभारी बीईओ अपना पक्ष और स्पष्टीकरण दो दिवस के भीतर प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। नोटिस में कार्यालयीन कार्यों में इस तरह की शिकायतें सही पाए जाने पर इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत माना जाने की बात भी कही गई है।
नोट: शिक्षकों की ओर से लगाए गए आरोपों और नोटिस में उल्लेखित शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित कर्मचारियों का पक्ष भी जांच के दौरान सामने आना बाकी है।












