
18 घंटे में ही गायब सार्वजनिक प्याऊ, सेवा या सिर्फ दिखावे का आयोजन ?
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
भटगांव:–जिले के भटगांव क्षेत्र में श्रद्धा महिला मंडल SECL द्वारा बड़े तामझाम और प्रचार-प्रसार के साथ सार्वजनिक प्याऊ का उद्घाटन किया गया, लेकिन यह पहल महज 18 घंटे भी टिक नहीं सकी। जिस उद्देश्य से इस प्याऊ की शुरुआत की गई थी—भीषण गर्मी में राहगीरों और यात्रियों को राहत देने के लिए—वह उद्घाटन के अगले ही दिन पूरी तरह फेल होता नजर आया।
उद्घाटन के दौरान पूरे कार्यक्रम को भव्य रूप दिया गया। टेंट-पंडाल, सजावट, मंच और बैनर के साथ दर्जनों SECL कर्मियों की मौजूदगी ने इसे एक बड़े सामाजिक सेवा कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सजे हुए मटकों के साथ यह संदेश दिया गया कि अब क्षेत्र में लोगों को नियमित रूप से ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।


लेकिन जैसे ही कार्यक्रम समाप्त हुआ और फोटो सेशन खत्म हुआ, व्यवस्था भी गायब हो गई। अगले ही दिन स्थल पर न तो मटका दिखाई दिया और न ही पानी की कोई व्यवस्था मौजूद थी। जिस स्थान पर लोगों की प्यास बुझाने का दावा किया गया था, वहां सिर्फ खाली ढांचा और सूनी व्यवस्था नजर आई।
जानकारी के अनुसार, यात्री प्रतीक्षालय को अस्थायी रूप से प्याऊ के रूप में उपयोग किया गया था, जिसे कार्यक्रम समाप्त होते ही हटा लिया गया। इस स्थिति ने पूरे आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के समय इस तरह की पहल बेहद जरूरी होती है, लेकिन यदि वह सिर्फ एक दिन के दिखावे तक सीमित रह जाए तो इससे जनता का भरोसा टूटता है। लोगों का आरोप है कि यह आयोजन वास्तविक सेवा के बजाय प्रचार और वाहवाही बटोरने तक सीमित रहा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या जिम्मेदार संस्थाएं केवल उद्घाटन और प्रचार तक ही अपनी जिम्मेदारी समझती हैं, या फिर आम जनता को वास्तविक और स्थायी सुविधा देने के लिए भी कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे? यदि समय रहते व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो यह पहल भी सिर्फ कागजों और तस्वीरों तक सिमट कर रह जाएगी।












