
मीना बाजार में जुआ, साउंड का उल्लंघन और जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
Rajesh Gupta सूरजपुर, भटगांव:– जिले के नगर पंचायत भटगांव में संचालित मीना बाजार इन दिनों विवादों के घेरे में है। मनोरंजन और सांस्कृतिक आयोजन की आड़ में यहां खुलेआम जुआ खिलवाए जाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाजार में अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि सार्वजनिक स्थान पर जुआ अपराध है, लेकिन इसके बावजूद नगर पंचायत और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर जब गुनाह सबके सामने हो रहा है तो कार्रवाई से जिम्मेदार क्यों बच रहे हैं?
*अनुमति पत्र के निर्देश भी ताक पर*
नगर पंचायत भटगांव द्वारा आयोजकों को दिए गए अनुमति पत्र में साफ लिखा है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशों का उल्लंघन होने पर बिना पूर्व सूचना अनुमति निरस्त कर दी जाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि न तो अनुमति निरस्त की गई और न ही किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई हुई।
लोगों का कहना है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश कुशवाहा और नगर पंचायत अध्यक्ष परमेश्वरी राजवाड़े खुद अपने आदेशों पर कायम नहीं हैं और मीना बाजार को खुला संरक्षण दे रहे हैं।

*ध्वनि नियमों की भी अनदेखी*
अनुमति पत्र और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र (साउंड) का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। बावजूद इसके मीना बाजार में देर रात तक साउंड बजना आम बात हो गई है। यह न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवमानना भी है।
*नागरिकों का आक्रोश*
स्थानीय लोगों का कहना है कि मीना बाजार का उद्देश्य व्यापार और मनोरंजन होना चाहिए, लेकिन यहां जुआ जैसे अवैध खेल समाज के लिए घातक साबित हो रहे हैं। इससे युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और सामाजिक वातावरण बिगड़ रहा है।
*जनता के सामने सवाल*
जनता अब यह सीधे सवाल पूछ रही है कि अगर जुआ गलत है तो इसे रोका क्यों नहीं जा रहा? आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खेल चल रहा है? जब वीडियो और सबूत मौजूद हैं तो अनुमति निरस्त क्यों नहीं की जा रही? और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक क्यों बने हुए हैं?
जिम्मेदारों पर आरोप
जुआ और ध्वनि उल्लंघन किसी से छिपा नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रमाण हैं, स्थानीय लोग शिकायत कर रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत और प्रशासन अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है, जिसमें गुनाह सबके सामने हो रहा है और जिम्मेदार ही आंखें मूंदे बैठे हैं?



Author: Sufiyan Iraqui
Report Bisrampur









