
सरगुजा – रेत हो गया अवैध ! प्रश्न उठता है की क्या निर्माण कार्य रेत की जगह मिट्टी से होगा?
जिले में आदर्श आचार संहिता लागू है। और जिले के सीतापुर विधानसभा में प्रतापगढ़ जो रेत के लिए चर्चित नाम से जाना जाता हैं जहा से अगल बगल के विधानसभा क्षेत्र तक रेत की आपूर्ति की जाती है लेकीन रियलिटी के आभाव में रेत अवैध हो गया। अनुविभागीय अधिकारी सीतापुर ने सूचना पत्र जारी कर परिवहन पर रोक लगा दी है। साथ ही जुर्मान राशि सहित खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 कि धारा 21(1), 21(2) ,21(3), 21(4), 21(4क) के तहत 5 वर्ष तक की जेल और 5 लाख तक का जुर्माने रासी से दंडित करने के साथ राजसात की कार्यवाही करने की नोटिस सूचना पत्र जारी किया गया है।


सरगुजा मे रेत की सियासत– शायद अब शुरू हो गई है सूत्र बताते हैं कि सरगुजा जिले का सीतापुर विधानसभा जहा पिछले दशक से कांग्रेस का एकछत्र राज था। और सीतापुर में विधायक के रुप में सीतापुर की जनता कांग्रेस प्रत्यासी के चर्चित चेहरे को विधायक चुनती आई। लेकीन सत्र 2023, में बाजी पलटी और जनता ने बीजेपी के द्वारा उतारे गए नए चेहरे को अपना विधायक चुना।प्रश्न यह उठता है?
1. रेत के अभाव में क्या निर्माण कार्य सरकारी हो या गैर सरकारी सभी बंद कर दिए जाएंगे ?
2. क्या मकान बनाने के लिए रेत नही मिट्टी का उपयोग किया जायेगा?
3. रियालटी की सुविधा आखिर बंद क्यू?
4. ग्रामीणों सहित सरकारी कामों में रेत कैसे उपलब्ध होगी?
नाम ना छापने की शर्त मे रेत परिवहन कर्ता बताते हैं कि हम रियल्टी खरीदने को तैयार हैं लेकीन हमे रियल्टी की सुविधा उपलब्ध नहीं है तब
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









