
उनकी दास्तां उन्ही की जुबानी जरा पढ़िए और गौर कीजिए क्या ऐसा भी हो सकता है।
और यदि यह गलत है तो प्रशासन क्या कर रही हैं ?


मेरा नाम प्रभावती गिरि है मैं रायपुर मे सहायक ग्रेड 1 के पद पर आयुर्वेदिक डिपार्टमेंट में काम करती हूँ।
मेरी शादी 31/05/1985 मे मरौद ग्राम मे सामाजिक और परिवारिक रीति रिवाज के साथ स्व चंद्रशेखर गिरि के साथ हुई थी। मैं स्व चंद्रशेखर गिरि की विधिवत विवाहित पत्नि हूँ, मुझे ग्राम मरौद में स्व सोम प्रकाश गिरि के दूसरे बेटे स्व चंद्रशेखर गिरि की पत्नि के रूप मे सम्मान पूर्वक लाया गया था।
हमारे तीन बच्चे हैं पहली बेटी मेरी गुड़िया जिसका नाम सुमन गिरि है, दूसरा बेटा धीरज धर्म प्रकाश गिरि है, तीसरी बेटी पिंकी हर्षलता गिरि है।
मैं ग्राम मरौद मे 1985 से 1998 तक संयुक्त परिवार मे रहती थी। मेरे ससुर जी कुरुद क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं। 1998 मे सरकारी नौकरी लगने से मैं पति तथा बच्चो सहित रायपुर मे रहने लगी। ग्राम मरौद मे हमारा आना जाना लगा रहता था, ग्राम मरौद मे मेरे तथा मेरे पति स्व चंद्रशेखर गिरि के नाम पर दर्ज कृषि भूमि भी है।
बच्चो की पढाई तथा कामकाज के कारण विशेष अवसर पर गाँव आना हो पाता था। मेरे पति के जमीन संबंधी परिवारिक मतभेद चलते रहते थे बच्चो की पढाई मे परेशानी न हो इसलिए मैं विवादो से दूर रहकर जमीन और अन्य संपत्ति संबंधी कामकाज अपने पति को ही जिम्मेदारी पूर्वक संभालने देती थी।
मेरे पति का स्वास्थ्य ठीक न होने से करीब एक साल पहले अर्चना नामक महिला को खाना बनाने तथा घर के कामकाज के लिए काम पर रखा गया था।
15 /10/2023 सुबह मुझे दुखद समाचार मिल, मैं मैं अचानक मृत्यु की सूचना से बहुत परेशान हो गयी। तुरंत ही बेटे तथा दमाद सहित हॉस्पिटल पहुँची। पति के शव को बुरी हालत मे देखकर कुछ भी सोचने समझने की स्थिति मे नही थी। वहाँ हॉस्पिटल ने पुलिस की मौजूदगी मे मेरे पति का शव मुझे सुपुर्द किया गया।
अर्चना के बताये अनुसार 15/10/2023 को अर्चना घटना स्थल पर मौजूद थी, यह आश्चर्य की बात है कि 55 वर्षीय महिला बताये अनुसार पैर मे चोट होने के बाद भी 10-12 गुंडों के बीच से सफलतापूर्वक भाग निकली और मेरे पति की बेरहमी से हत्या कर दी गयी , जबकि अर्चना को छोड़ दिया गया।
अर्चना ने संपत्ति के लालच मे मेरे पति की ह्त्या का नाजायज फायदा उठाते हुए खुद को अनायास ही उनकी पत्नि होना बताया है जो कि सर्वथा गलत है, उनकी पत्नि सिर्फ मैं हुँ।
अर्चना प्रेस वार्ता कुरुद मे अपनी बेटी के साथ नज़र आयी है उनकी बेटी का पिता ही उनका पति होगा ऐसा मैं समझती हुँ।अर्चना एक शादीशुदा महिला है,जिसको घर काम के रखा गया था जो मेरे पति स्वर्गवास के बाद संपत्ति के लालच मे आकर अपने स्वयं के परिवार पति तथा बेटे को छोड़कर हमारे घर मे अवैध रूप से रह रही है।
मैं परिवार तथा अपने बेटे सहित मेरे पति का अंतिम संस्कार रायपुर मे किया है, तेरहवीं के दिन मौका पाकर अर्चना द्वारा हमारे खेत के धान को अवैध रूप से काटकर बेच दिया गया, जिसका गवाह पूरा गाँव है।
हम परिवार सहित मेरे पति की मृत्यु के शोक मे थे, मौके का फायदा उठाकर काम करने वाली महिला मेरे पति स्व चंद्रशेखर गिरि का मोबाइल फोन और सिम कार्ड की चोरी कर मोबाइल कंपनी को गलत जानकारी देकर अवैध रूप से अपने नाम करा ली।
इतना ही नही, मेरे पति की हत्या 15/10/23 के बाद उनके बैंक खाते से UPI का दुरूपयोग कर बड़ी मात्रा मे पैसे निकल लिए, जिससे मुझे तथा परिवार को मानसिक तथा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। इससे साफ पता चलता है कि यह सब अर्चना की संपत्ति के लालच मे सोची समझी साजिश है।
अर्चना जब से गाँव मे रह रही है तब से ही लगातार उनके कई प्रकरण सामने आये हैं। अर्चना लालची महिला है, अपनी शादी से सम्पति के लालच मे ही अलग होकर खुद के बेटे तक को छोड़ दिया है। अर्चना की एक से असमाजिक महिला के रूप मे छबि सामने आयी है।
यहाँ तक उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी कई सवाल उठाये हैं, इससे साफ समझ आता है कि मेरे पति की हत्या की निष्पक्ष कार्यवाही मे बाधा डालने की पूर्ण कोशिश कर रही है।
अर्चना सम्पति के अनुसार लोगों से रिश्ता तय करती है, संपत्ति के लालच मे अर्चना किसी भी हद तक जा सकती है ,जिससे मेरे परिवार मेरे गाँव सहित पूरे समाज मे अशांति का माहौल है। इस तरह की महिला भारतीय महिलाओं की छबि खराब करती हैं और समाज मे अनैतिकता को बढ़ावा देती है।
मेरा अनुरोध है कि मीडिया सच तथा सही जानकारी लोगों तक पहुंचाए, जिससे जनता तथा शासन द्वारा किये गए न्याय पर भरोसा बना रहे। मुझे विश्वास है कि जनता मेरे तथा मेरे परिवार के दुख को समझेगी तथा सच का साथ देगी।
Snt न्यूज इस खबर की पुष्टि नहीं कर्ता है।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









