
अंबिकापुर: गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही और आयुष्मान योजना में अनियमितता पर महावीर हॉस्पिटल का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित
आयुष्मान कार्ड से इलाज के बाद परिजनों से 87,300 रुपये लेने का मामला, राशि लौटाने के निर्देश
SNT NEWS-अंबिकापुर। सरगुजा जिला प्रशासन ने गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही और आयुष्मान योजना के नियमों के उल्लंघन के मामले में श्री महावीर हॉस्पिटल, अंबिकापुर के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट के पर्यवेक्षी अधिकारी द्वारा 13 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अस्पताल का लाइसेंस एवं पंजीयन 17 अक्टूबर से 16 नवंबर 2026 तक एक माह के लिए निलंबित किया गया है।
प्राप्त आदेश के अनुसार, सुभाषनगर, बनारस रोड, अंबिकापुर निवासी सुश्री मृण्मयी पाण्डेय ने 23 सितंबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में चिकित्सकीय लापरवाही, मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराने, रेफरल में देरी, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद परिजनों से लाखों रुपये वसूलने और उचित उपचार नहीं मिलने के कारण मरीज की मृत्यु होने के आरोप लगाए गए थे।
न्यूरो सर्जरी और रेफरल प्रक्रिया पर उठे सवाल
शिकायत की जांच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गठित टीम ने की। जांच प्रतिवेदन और अस्पताल के जवाब का परीक्षण करने के बाद प्रशासन ने पाया कि मरीज की न्यूरो सर्जरी करने वाले चिकित्सक का नाम अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में दर्ज नहीं था। आदेश के मुताबिक, अस्पताल के पंजीयन में न्यूरो सर्जरी की सुविधा का भी उल्लेख नहीं था।
जांच में मरीज के रेफरल की प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। इसके अलावा, मरीज के सीटी स्कैन, एक्स-रे, रेफरल और डेथ समरी जैसे मेडिकल रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराने के संबंध में अस्पताल का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
आयुष्मान योजना में 87,300 रुपये लेने की पुष्टि
आदेश में उल्लेख है कि श्री महावीर हॉस्पिटल आयुष्मान योजना के तहत उपचार के लिए अधिकृत है। दस्तावेजों के अनुसार, मरीज के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड से पूरी राशि बुक किए जाने के बाद भी परिजनों से अतिरिक्त रूप से 87,300 रुपये लिए गए।
प्रशासन ने इसे आयुष्मान योजना के नियमों का उल्लंघन मानते हुए अस्पताल को वसूली गई 87,300 रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले भी मरीज से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत पर अस्पताल को चेतावनी दी गई थी।
आयुष्मान योजना से भी तीन माह के लिए निलंबन की अनुशंसा
जिला प्रशासन ने नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर अस्पताल का लाइसेंस एवं पंजीयन एक माह के लिए निलंबित किया है। साथ ही, आयुष्मान योजना और खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अस्पताल का पंजीयन आगामी तीन माह के लिए निलंबित किए जाने के संबंध में राज्य शासन को प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, अस्पताल को एक माह के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का सामना करना होगा। वहीं, स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के तहत तीन माह के निलंबन का मामला शासन को भेजे जाने की प्रक्रिया से संबंधित है।














