
भैयाथान में महिला समूहों का फूटा गुस्सा, CEO पर दबाव बनाने का आरोप
SDM कार्यालय पहुंचीं महिलाओं ने उठाए सवाल, क्या हम सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के लिए हैं? सुरक्षित और स्थायी व्यवस्था मिलने तक कार्यालय खाली नहीं करने का ऐलान*
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
सूरजपुर/भैयाथान:–जनपद पंचायत भैयाथान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) पर फोन के माध्यम से धमकाने और महिला समूहों का कार्यालय खाली कराने के कथित दबाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मां महामाया महिला ग्राम संगठन भैयाथान और रानी लक्ष्मीबाई महिला क्लस्टर संगठन से जुड़ी महिलाएं अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचीं और लिखित आवेदन सौंपकर मामले में न्याय की मांग की।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि जनपद CEO पर भाजपा की ओर से राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और इसी दबाव के चलते महिला समूहों को उनके वर्तमान कार्यालय से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
SDM कार्यालय के बाहर महिलाओं ने अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि महिला समूहों को राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ बढ़ाने के लिए तो आगे किया जाता है, लेकिन जब उनके अधिकार, सुरक्षा और कार्यस्थल की बात आती है तो उन्हें इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। महिलाओं ने सवाल उठाया कि क्या हम सिर्फ भीड़ बढ़ाने का जरिया हैं?
महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान स्थान खाली करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन इसके बदले कोई सुरक्षित और स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि पहले उनके लिए सुरक्षित और स्थायी स्थान की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही वर्तमान कार्यालय खाली करने पर विचार किया जाएगा।
महिला समूहों के अनुसार, वर्ष 2019 से उन्हें ट्राइबल मार्ट और क्लस्टर कार्यालय के लिए स्थान आवंटित है। यहां वे लगातार अपने कार्यों का संचालन कर रही हैं। महिलाओं का दावा है कि कार्यालय का बिजली बिल भी वे स्वयं वहन करती आ रही हैं। इसके बावजूद अब उन्हें कार्यालय खाली करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन की पदाधिकारी जयादेवी, सुमन और रेखा ने कहा कि महिलाओं के लिए स्वीकृत महतारी सदन का निर्माण कार्य पूरा होने और भवन का विधिवत हैंडओवर होने तक वे वर्तमान स्थान खाली नहीं करेंगी। उनका कहना है कि महिलाओं को स्थायी कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि कथित दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप बंद नहीं हुआ तथा उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो भैयाथान क्लस्टर से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं आंदोलन के लिए सड़क पर उतर सकती हैं। महिलाओं ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।













