
UP के लकड़ी तस्करों की जशपुर में दस्तक? सुरेशपुर में 16 नीलगिरी पेड़ों की कटाई पर प्रशासन का एक्शन
जशपुर। जिले के ग्राम सुरेशपुर (ठेंलूपारा) में 16 नीलगिरी पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काटे गए पेड़ों की लकड़ियों को जब्त किया है। पत्थलगांव तहसीलदार प्रमोद पटेल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से पेड़ों की कटाई करने वालों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सुरेशपुर (ठेंलूपारा) क्षेत्र में बड़ी संख्या में नीलगिरी के पेड़ों की कटाई की गई थी। मामले की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार प्रमोद पटेल मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए काटी गई लकड़ियों को जब्त कराया। इसके बाद जब्त लकड़ियों को ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।

ग्रामीणों को झांसा देकर कटाई कराने का आरोप
स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ लोग भोले-भाले ग्रामीणों को अलग-अलग तरीके से झांसा देकर उनके पेड़ों की कटाई करवा रहे हैं। ग्रामीणों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि क्षेत्र में बाहरी लकड़ी कारोबारियों और तस्करों की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश से जुड़े लकड़ी तस्करों के जशपुर क्षेत्र में सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है।
सरगुजा के बाद सीमावर्ती इलाकों पर नजर ?
सुरेशपुर क्षेत्र सरगुजा संभाग की सीमा से लगे इलाकों में आता है। ऐसे में क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद लकड़ी के अवैध कारोबार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में जंगल और निजी भूमि पर लगे पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
16 नीलगिरी पेड़ों की कटाई के मामले में तहसीलदार प्रमोद पटेल द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। काटी गई लकड़ियों को जब्त कर सरपंच की सुपुर्दगी में दिए जाने के बाद अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ों की कटाई किसके द्वारा कराई गई और इसके पीछे किसी संगठित लकड़ी कारोबार या तस्करी से जुड़े लोगों की भूमिका थी या नहीं।













