
भगवान बलराम जयंती पर किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का संदेश
कृषि विज्ञान केंद्र मैनपाट में कार्यक्रम, जीराफूल धान की खेती और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर दिया जोर
(रुपेश गुप्ता)-सीतापुर/मैनपाट। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र मैनपाट-सीतापुर में भगवान बलराम जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसान मोर्चा जिला सरगुजा के अध्यक्ष अनिल निराला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. वीएन गौतम और अनुविभागीय कृषि अधिकारी सीतापुर श्रीमती अनीता एक्का भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने भगवान श्री बलराम, मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर की।
प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्य अतिथि अनिल निराला ने किसानों को प्राकृतिक खेती के मापदंडों के अनुसार सुगंधित जीराफूल धान की खेती करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। खेती में नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग कर उत्पादन एवं आमदनी में वृद्धि की जा सकती है।

दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भर बनने पर जोर
निराला ने किसानों से दलहन और तिलहन की खेती में अच्छी किस्म के बीजों का चयन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दलहन-तिलहन का अधिक से अधिक उत्पादन किया जाना चाहिए, ताकि इन फसलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़े। किसानों को कृषि विविधीकरण अपनाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों को प्राकृतिक खेती और समन्वित कृषि प्रणाली के महत्व की जानकारी दी गई।
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बलराम जयंती पर किसानों को प्राकृतिक खेती का संदेश, जीराफूल धान की खेती के लिए किया प्रेरित
कृषि विज्ञान केंद्र में बलराम जयंती: पर अनिल निराला ने दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि किसान ज़्यादा से ज़्यादा प्राकृतिक खेती के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ाने की बात कही।


Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !











