
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को वादे के मुताबिक बोनस तो दिया लेकिन किसानों को बोनस का भुगतान अब तक बैंक नहीं कर पाया है। किसानों का कहना है —
बोनस का पैसा सरकार दे चुकी है, लेकिन LUNDRA बैंक से पैसा निकालना ही सबसे बड़ी समस्या बन गया है। हम मेहनत खून पसीना। की कमाई लेने आते हैं और परेशान होकर लौटते हैं।”
कैशियर नवीन जयसवाल का रवैये से परेशान है किसान
बोनस भुगतान में देरी और किसानों की नाराजगी
• छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को वादे के मुताबिक बोनस राशि जारी कर दी है, लेकिन आरोप है कि संबंधित बैंक lundra कैसियर नवीन जयसवाल द्वारा अब तक लूंडरा के कई किसानों को बोनस का भुगतान नहीं किया जा सका है, जिससे किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
• यानी एक तरफ सरकार किसानों के हित में योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ बैंक कर्मचारियों की कार्यशैली इन योजनाओं पर ही सवाल खड़े कर रही है।
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा
• आरोप है कि कर्मचारियों की लापरवाही और आनाकानी के कारण किसानों को उनके हक का पैसा समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा।
सरगुजा जिले के जनपद पंचायत लूंड्रा स्थित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर शाखा लूंड्रा में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अपने ही खाते से पैसा निकालने के लिए किसानों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। आरोप है कि बैंक में कभी “दिन फिक्स”, कभी “कैश खत्म” और कभी “लिंक फेल” का हवाला देकर खाताधारकों को वापस लौटा दिया जाता है।
🔴 कैशियर के रवैये पर सवाल
किसानों का आरोप है कि कैशियर नवीन जायसवाल उनसे ठीक तरीके से बात नहीं करते और भुगतान को लेकर अनावश्यक आनाकानी करते हैं। उनका व्यवहार अभद्र बताया जा रहा है, जिससे ग्रामीण खाताधारक खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
दूर से आना-जाना बना समस्या
यह भी बताया जा रहा है कि संबंधित कैशियर करीब 30–35 किलोमीटर दूर से आना-जाना करते हैं, जिसके कारण बैंक में समय पर लेन-देन की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
कमीशन को लेकर चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि बिना “कमीशन” के काम में देरी की जाती है।
हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किसानों का कहना है —
“हम मेहनत और खून-पसीने की कमाई बैंक में रखते हैं। जब अपना ही पैसा लेने आते हैं तो इस तरह की परेशानी और व्यवहार सहन करना पड़ता है, जो गलत है। “ऐसी स्थिति में जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन जैसी कार्यवाही की मांग किसानों द्वारा की जा रही है।”
किसानों की मांग
इन सभी समस्याओं को लेकर क्षेत्र के किसान काफी नाराज हैं और ऐसे कैसियर कार्रवाई करने की मांग की है।
बड़ा सवाल –
👉 क्या किसानों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त किया जाएगा ?
👉 क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा ?












