
सदियों पुरानी परंपरा कायम: झिलमिली स्टेट के चौहान राजपरिवार ने किया कुलदेवी का प्रथम पूजन
नवरात्र के पहले दिन राजपरिवार ने निभाई पारंपरिक रीति, नौ दिनों तक विशेष श्रृंगार पूजा होगी
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
सूरजपुर/भैयाथान -:– चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर सदियों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए झिलमिली स्टेट के चौहान राजपरिवार द्वारा अपने कुलदेवी का प्रथम पूजन पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न किया गया। नवरात्र के प्रथम दिवस आयोजित इस विशेष पूजा-अर्चना में राजपरिवार के प्रमुख सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और मां से क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रथम दिवस के प्रथम पूजा में अखिलेश प्रताप सिंह देव, दीपेंद्र प्रताप सिंह देव, कुंवर योगेंद्र प्रताप सिंह देव, अभय विक्रम प्रताप सिंह देव, शशांक प्रताप सिंह, शांतनु सिंह तथा रितेश प्रताप सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे और पूरे विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना की।
परंपरा के अनुसार सबसे पहले राजपरिवार द्वारा ही कुलदेवी की पूजा की जाती है, जिसके बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना का क्रम प्रारंभ होता है। बताया जाता है कि यह परंपरा वर्षों से लगातार चली आ रही है और आज भी राजपरिवार इसे पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ निभा रहा है।
नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक राजपरिवार के सदस्य विशेष श्रृंगार पूजा करते हैं। प्रतिदिन मां का अलग-अलग रूपों में श्रृंगार कर विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंचे।
इस धार्मिक परंपरा के निर्वहन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला तथा श्रद्धालुओं ने इसे अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परंपरा बताया।














