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काले कपड़े से सरकार डरी? स्थापना दिवस पर अमित जोगी को घर में कैद!

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर अमित जोगी को रोका गया — मिनी माता के नाम की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध से पहले नजरबंद

रायपुर, 1 नवंबर 2025:
छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी को आज प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने और ‘मिनी माता भवन’ नाम की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध करने से रोक दिया गया।
रायपुर पुलिस ने सुबह उनके जोगी निवास (9 सीएम हाउस रोड) पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकलने से रोका और नजरबंद कर दिया। पुलिस टीम का नेतृत्व सिटी एसपी रमाकांत साहू और टीआई दीपक कुमार पासवान कर रहे थे।

श्री जोगी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने बताया — “सरकार के निर्देश हैं, किसी को भी काले कपड़े पहनकर बाहर जाने की अनुमति नहीं है।” यह कार्रवाई उस समय हुई जब विधानसभा अध्यक्ष, राज्य सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘मिनी माता भवन’ नाम सुनिश्चित करने के लिए दी गई समयसीमा समाप्त हो चुकी थी।

अमित जोगी ने कहा, “हम किसी अप्रिय स्थिति से बचना चाहते थे, इसलिए हमने घर पर प्रार्थना और उपवास का निर्णय लिया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सत्ता में बैठे लोग विरोधियों की आवाज सुनने का साहस दिखाएं।”

स्थापना दिवस की भावना के अनुरूप, जोगी ने अपने निवास पर तैनात लगभग 30 पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा — “यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि नैतिक आंदोलन है। लोकतंत्र में काले कपड़े पहनना अपराध नहीं हो सकता।”

उन्होंने संविधान प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “यह अधिकार पवित्र है — जनता की आवाज को दबाना लोकतंत्र की आत्मा के साथ अन्याय है।”

यह घटना छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक मूल्यों और असहमति के प्रति सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


भगवानू नायक
मुख्य प्रवक्ता, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
???? +91 88782 77000

श्री जोगी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने बताया — “सरकार के निर्देश हैं, किसी को भी काले कपड़े पहनकर बाहर जाने की अनुमति नहीं है।” यह कार्रवाई उस समय हुई जब विधानसभा अध्यक्ष, राज्य सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘मिनी माता भवन’ नाम सुनिश्चित करने के लिए दी गई समयसीमा समाप्त हो चुकी थी।

अमित जोगी ने कहा, “हम किसी अप्रिय स्थिति से बचना चाहते थे, इसलिए हमने घर पर प्रार्थना और उपवास का निर्णय लिया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि सत्ता में बैठे लोग विरोधियों की आवाज सुनने का साहस दिखाएं।”

स्थापना दिवस की भावना के अनुरूप, जोगी ने अपने निवास पर तैनात लगभग 30 पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा — “यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि नैतिक आंदोलन है। लोकतंत्र में काले कपड़े पहनना अपराध नहीं हो सकता।”

उन्होंने संविधान प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “यह अधिकार पवित्र है — जनता की आवाज को दबाना लोकतंत्र की आत्मा के साथ अन्याय है।”

यह घटना छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक मूल्यों और असहमति के प्रति सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Shaif firdousi
Author: Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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