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आवारा पशुओं पर सख्ती : सड़क पर पशु छोड़ने वाले मालिकों पर होगी कठोर कार्रवाई”

माननीय उच्च न्यायालय छ.ग. बिलासपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक WP (PIL) No. 58/2019, एवं 63/2019 में पारित आदेश दिनांक-08/07/24 के परिपालन में पशुओं को सड़क पर आने से रोके जाने के संबंध में।*•

जिले के सभी पशु मालिक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगें, जिससे पशुओं की सड़क पर आवाजाही पर रोक एवं नियंत्रण किया जा सकेगा।
:- पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से न ही छोड़ेगें न ही एकत्रित होने देंगें, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-285, 291 के अंतर्गत सजा एवं जुर्माना से दण्डित किया जावेगा।
:-  साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय ३ धारा-11 (1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जायेगी।


⏩ विषयान्तर्गत शासन द्वारा प्राप्त निर्देशों के तहत समय-समय पर निर्देश जारी किये गये हैं, साथ ही इस हेतु मानक संचाल प्रक्रिया (SOP) जारी किया गया है। किन्तु जिले के पशु पालकों द्वारा अपने पाल्य पशुओं को ठीक से पालन एवं देखरेख न करते हुए आवारा छोड़ दिया जा रहा है। विदित होगा अभी-अभी इस प्रकार के आवारा गाय लगभग 08 की संख्या में एन.एच क्रमांक 130 पर आवारा छोड़ दिये गये थे। जिनका सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। यह स्थिति चिंतनीय है। बरसात के दिनों में चारों तरफ किसान फसल उगाते हैं। फलस्वरूप पाल्य पशु चारागाह की कमी के कारण मुख्य सड़कों पर आ जाते हैं, और सड़क किनारे उगे चारा को चरने के लिये बाध्य हो जाते हैं। इस प्रकार सड़कों पर आवारा मवेशियों के चलते फिरते रहने के कारण दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है, और जनधन की हानि होती है। पूर्व प्रसारित निर्देशानुसार जिला स्तर और ग्राम स्तर पर पशुओं के नियंत्रण हेतु समिति का गठन किया जाकर आवारा पशुओं को सड़क पर आवाजाही पर रोक एवं नियंत्रण लगाने हेतु लेख किया गया था। इसके पश्चात भी दुर्घटना घटित हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण स्थानीय पशु पालकों द्वारा लापरवाही और गैर जिम्मेदारी पूर्वक पशुओं को सड़क एवं सार्वजनिक स्थल पर स्वतंत्र रूप से छोड़ देना है। पशु मालिकों का इस प्रकार गैर जिम्मेदारना एवं लापरवाही पूर्वक आचरण भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-291 के अंतर्गत तथा पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय-3, धारा-11 (1) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

⏩ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में सभी तथ्यों पर विचार करने के उपरांत इस क्षेत्र मे मानव / पशु जीवन, लोकहित, लोक सुरक्षा, कानून एवं लोक शांति वयवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक है कि विभिन्न पशु मालिकों द्वारा अपने पालतू पशुओं को स्वतंत्र रूप से छोड़े जाने से रोका जाना आवश्यक हो गया है। इनके द्वारा छोड़े गये पशुओं से मार्ग अवरूद्ध न हो एवं जन सामान्य / पशुओं की सुरक्षा तथा सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन एवं अत्यावश्यक सेवा निर्वाध व शांतिपूर्ण ढंग से संचालन तथा कानून व्यवस्था की दृष्टि से प्रत्येक अनुभाग स्तर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अंतर्गत प्रतिबंधित किये जाने हेतु सभी अनुविभाग में निम्नानुसार आदेश पारित किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है :-

(01)  जिले के सभी पशु मालिक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगें।

(02) पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से न ही छोड़ेगें न ही एकत्रित होने देंगें, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-285, 291 के अंतर्गत सजा एवं जुर्माना से दण्डित किया जावेगा, साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय ३ धारा-11 (1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जायेगी।

Shaif firdousi
Author: Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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