
0 बनाई थी फर्जी आर.पी. ग्रुप नाम की कंपनी, सदस्यता एवं प्रोसेसिंग फीस के नाम से लेते थे, लोगों से रुपए
0 जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ व बिलासपुर जिले के भोले भाले ग्रामीणों से ठग लिए थे करोड़ों रुपए
रूपेश गुप्ता
एक ‘जादुई कलश’ मिलने के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जशपुर पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने आर.पी. ग्रुप नाम की एक फर्जी कंपनी बनाकर ग्रामीणों से पैसे ठगे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने भोले-भाले ग्रामीणों को ये कह कर झांसे में लिया कि कोरबा जिले के के मड़वारानी पहाड़ क्षेत्र में एक जादुई कलश मिला है, जिसकी कीमत अरबों रुपए है और भारत सरकार इसे विदेश में बेचकर सदस्यों को अनुदान देगी। आरोपियों ने हर सदस्य को 1 से 5 करोड़ रुपए तक मिलने का लालच दिया था।
महिला की शिकायत पर पुलिस हुई सक्रिय
दरअसल 07 सितंबर 2025 को ग्राम चिड़ौरा, थाना कांसाबेल क्षेत्रांतर्गत निवासी 33 वर्षीय प्रार्थिया अमृता बाई ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वर्ष 2021 में आर .पी. ग्रुप नाम की कंपनी, जिसके मुख्य संचालक आरोपी तुरेंद्र कुमार दिव्य उर्फ मनीष कुमार दिव्य एवं राजेंद्र कुमार दिव्य हैं, के द्वारा आरोपी प्रकाश चंद्र धृतलहरे व उपेन्द्र कुमार सारथी के साथ मिलकर, प्रार्थिया को यह बोलकर झांसे में लिया गया, कि कोरबा जिले के मंडवारानी में एक जादुई कलश मिला है, जिसे कि भारत सरकार के द्वारा जादुई कलश को विदेश में बेचा जायेगा, व उसके मुनाफे की राशि को, आर. पी. ग्रुप कंपनी में पैसा जमा करने वाले सदस्यों को अनुदान के रूप में दिया जाएगा, हर सदस्य को 1 से 5 करोड़ रुपए तक मिलेंगे, जिससे आरोपियों के झांसे में आकर प्रार्थिया भी सिक्यूरिटी मनी व प्रोसेसिंग फीस के रूप में 25000 रु जमा कर, उक्त आर.पी. ग्रुप कंपनी से जुड़ गई, आरोपियों द्वारा इस तरह वर्ष 2021 से 2024 तक हजारों लोगों से ठगी करते हुए, करोड़ों रुपए लेकर, रकम वापस न कर उनके साथ धोखाधड़ी किया गया है।
खोजबीन में होते गए नए खुलासे
अमृता बाई की रिपोर्ट पर थाना पत्थलगांव में आरोपियों के विरुद्ध भा. द. वि. की धारा 420,34 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। मामले की प्रारंभिक विवेचना के दौरान जशपुर पुलिस के द्वारा जब सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के पीड़ित ग्रामीणों से पूछताछ की गई, तो पता चला कि आरोपियों के द्वारा लगभग 1 करोड़ 94 लाख रु की ठगी की गई थी, जांच के साथ साथ आरोपियों के द्वारा ठगी की रकम की बढ़ने की भी संभावना थी।
ठगों को लिया हिरासत में
मामला हजारों ग्रामीणों से करोड़ों की ठगी से संबंधित था, अतः मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, जांच व आरोपियों की पता साजी हेतु, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा, एस डी ओ पी पत्थलगांव धुर्वेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर, बिलासपुर, कोरबा एवं सीतापुर भेजी गई थी, जिनके द्वारा कार्यवाही करते हुए, आर. पी. ग्रुप कंपनी के मुख्य संचालक राजेंद्र कुमार दिव्य, तुरेंद्र उर्फ मनीष कुमार दिव्य सहित उनके सहयोगी प्रकाश चंद्र धृतलहरे व उपेन्द्र कुमार सारथी को हिरासत में लिया गया।
चावल को खींच लेता है कलश..!
पुलिस की पूछताछ पर आरोपियों ने बताया कि, उसके एक अन्य साथी जिसका नाम महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर है, के द्वारा उन्हें बताया गया था कि, उसके पास एक कलश है, जो कि काफी महंगे धातु का बना है, उसमें जादुई लक्षण हैं, जो कि चावल को भी खींच लेता है, उक्त कलश की विदेशों में कीमत अरबों रुपए में है, उक्त रकम को वह अकेला नहीं ले सकता है, कलश की बिक्री से उसे जो भी रकम मिलेगा, उसको अन्य लोगों को अनुदान के रूप में देने के लिए उसके द्वारा एक आर. पी. ग्रुप नाम की कंपनी बनाई गई है। जिसमें महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर के द्वारा उक्त गिरफ्तार आरोपियों को आर. पी ग्रुप का मुख्य (हेड) बनाया गया और उनके द्वारा अन्य बीस लोगों को ग्रुप में जोड़ते हुए, कंपनी का हेड बनाने हेतु कहा गया था व कलश को बिक्री करने के लिए विदेश के लोगों को बुलाना पड़ेगा, कहकर, उनके आने–जाने, रुकने एवं रकम प्राप्ति में जो भी खर्च होगा, उसके लिए कंपनी में जुड़े सदस्यों से रकम इकट्ठा करने हेतु कहा गया,। जिस पर उक्त आरोपियों के द्वारा ग्रुप में जुड़ने पर 1 से 5 करोड़ रुपए तक मिलेगा कहकर , ग्रामीणों को प्रलोभित करते हुए उनसे रकम वसुली गई थी।
ग्रामीणों को जमकर लगाया चूना
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों के द्वारा बिलासपुर व रायगढ़ संभाग के भी विभिन्न जिलों में, हजारों ग्रामीणों से, उनके आधार कार्ड, पेन कार्ड एवं फोटो लेकर, आर. पी. ग्रुप कंपनी में जुड़ने के लिए केवाईसी, नॉमिनी व सिक्यूरिटी मनी तथा प्रोसेसिंग फीस के रूप में प्रति व्यक्ति 25000 रु से लेकर 50000, 70000रु तक ले रहे थे। आरोपियों के द्वारा भोले भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर ठगी कर धोखाधड़ी करते हुए , करीबन 01 करोड़ 94 लाख रुपए लेना स्वीकार किया गया है।
गिरोह का सरगना है फरार
मामले में पुलिस की जांच जारी है, ठगी की रकम और भी बढ़ने की संभावना है। मामले में आरोपी महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर सहित एक अन्य आरोपी भी है फरार, पुलिस के द्वारा उनकी पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
पुलिस की पूछताछ पर अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर आरोपियों क्रमशः 1. राजेंद कुमार दिव्य, उम्र 46 वर्ष , निवासी ग्राम जोरहा डबरी, थाना हरदी बाजार, जिला कोरबा। वर्तमान निवास अटल आवास, कबीर नगर, रायपुर।
2. तुरेंद्र कुमार दिव्य उर्फ मनीष कुमार दिव्य उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम जोरहा डबरी, थाना हरदी बाजार, जिला कोरबा ( छ. ग)। वर्तमान निवास भदरापारा, बालको नगर कोरबा, (छ.ग)।
3. प्रकाश चन्द धृतलहरे, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम गोढ़ीकला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर (छ. ग)।
4. उपेन्द्र कुमार सारथी, उम्र 56 वर्ष, निवासी लीचीरमा, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा ( छ. ग) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
पुलिस के द्वारा आरोपियों के कब्जे से कुछ आवश्यक दस्तावेज, एक कार व मोबाइल को जप्त किया गया है, जिसकी कुल कीमत 13 लाख रु है।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने थाना पत्थलगांव में दर्ज एक ठगी के मामले का खुलासा किया है, जिसमें ठगों के द्वारा हजारों ग्रामीणों से कलश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की गई थी, चार आरोपी ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, दो आरोपी फरार है। जिनकी पता साजी की जा रही है, मामले में पुलिस की जांच जारी है, ठगी की रकम और भी बढ़ने की संभावना है।

Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









