
बलरामपुर विजय सिंह
नगर पालिका बलरामपुर एक बार फिर अपनी लापरवाही और भ्रष्ट कार्यशैली के कारण एक बार फिर से सुर्खियों में है। जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी ऐसा प्रतीत करवा रहे हैं मानो नगर पालिका दफ्तर प्रशासनिक कार्यों का केंद्र न होकर लापरवाही और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया हो।
ताज़ा मामला बेहद गंभीर है। नगर पालिका की छत पर लाखों रुपए की दवाइयों से भरा कार्टून सड़ते और एक्सपायर हालत में पड़े हैं। ये वही दवाइयां हैं जो मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य सलम योजना अंतर्गत एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से मरीजों तक पहुंचाया जाना था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के चलते ये दवाइयां समय पर उपयोग में नहीं हो सकी। अब ये दवाइयां बेकार हो चुकी हैं और नगर पालिका कार्यालय की छत की शोभा बढ़ा रहे हैं
लापरवाही या सुनियोजित भ्रष्टाचार?
नगर पालिका के सीएमओ प्रणव राय पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि वे दवाइयों की खरीदारी अपनी मनमानी या फिर एजेंसी से मिलकर कमीशन खाने के चलते आखिर जरूरत से कहीं अधिक मात्रा में दवाइयां क्यों खरीदी गईं? क्या केवल बिल बढ़ाने और कमीशनखोरी के लिए अनावश्यक दवाइयों का ऑर्डर दिया गया यह केवल लापरवाही का मामला नहीं बल्कि एक सुनियोजित घोटाला की और इशारा करता है

लाखों की दवाइयां पानी में बहा दीं
बलरामपुर नगर पालिका की इस करतूत ने सरकारी धन की बर्बादी को उजागर कर दिया है। लाखों रुपए की दवाइयां समय रहते उपयोग न होने के कारण नष्ट हो गईं। यह कृत्य न केवल आर्थिक अपराध है बल्कि जनता के स्वास्थ्य से भी सीधा खिलवाड़ है। जहां एक ओर आम मरीज सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में दवाइयों के अभाव में भटकते हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका दवाइयों को छत पर सड़ने के लिए छोड़ देती है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रणव कुमार राय ने इस मामले पर पल्ला झाड़ने हुए कहते हुए कहां की मेरे जॉइनिंग से पहले की दवाइयां है यह दवाइयां 3 साल से कार्यालय के छठ के ऊपर पड़े हुए हैं क्योंकि हम इसे बिना ऑडिट किए हुए नष्ट नहीं कर सकते लेकिन साहब को यह नहीं मालूम है कि यह दवाइयां महज ही कुछ महीने पहले एक्सपायर हुए हैं अगर इस दवाई के ढेर को हटाई जाए तो और कहीं पुरानी दवाइयां मिल सकती है

Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









