
दल से बिछड़े दो हाथियो ने गाँव में मचाया उत्पात
ग्रामीणों के घर को तोड़ कर घर में रखे अनाज को किया चट
हाथियो के डर से लोग रतजग्गा करने को मजबूर
रुपेश गुप्ता-सीतापुर-सरगुजा रायगढ़ के सरहदी छेत्र से अपने दल से बिछड़ कर दो हाथी पाँच दिनों से मैंनपाठ के तराई छेत्र जामकानी के आस पास के जंगल पहुँच गया है रात को जंगल के आस पास और रात के अंधेरे में गांव में पहुँच कर उत्पात मचा रहा है बीती रात को जामकानी परसापारा निवासी भूसरण सिदार और गोपाल सिदार के मकान को तोड़ कर घर में रखे धान और चावल को खा कर ख़त्म कर दिया हाथीयो की जानकारी होने पर लोग रात को गाँव में रतजगा करने को मजबूर है।

ग्रामीणों के द्वारा दी गई सूचना के बाद भी वन विभाग का कोई कर्मचारी अब तक गाँव नहीं पहुँच पाया है वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफ़ी रोष देखने को मिल रहा है।


इस विषय पर रेंजर फेकु चौबे से फ़ोन पर संपर्क साधने पर उनका फ़ोन बंद आ रहा है।
ग्रामीणों ने शासन से माँग की है की उन्हें उनके हुए नुक़सान का उचित मुआवज़ा मिल सके।

Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









