
क्या बिक चुका है लुण्ड्रा का हरा सोना? माफिया बनाम प्रशासन!”
“”Woodcraft in Surguja: Conservation or deal?”

सरगुजा न्यूज टुडे | लुण्ड्रा:
क्या सरगुजा की हरियाली अब सौदे की चीज़ बन चुकी है? लुण्ड्रा क्षेत्र से आ रही खबरें कुछ ऐसा ही संकेत दे रही हैं। यहां खुलेआम ट्रैक्टरों में भरकर कीमती सेमर और नीलगिरी के पेड़ों को काटा जा रहा है और उन्हें छत्तीसगढ़ से बाहर भेजने की तैयारी हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, ये काम यूपी से आए लकड़ी माफिया कर रहे हैं, जिन्होंने सरगुजा में डेरा जमा लिया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सारा काम दिनदहाड़े हो रहा है—स्थानीय प्रशासन की आंखों के सामने।
नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया, “यह सब राजनीतिक संरक्षण के बिना नहीं हो सकता। जो भी विरोध करता है, उसे चुप करा दिया जाता है या नजरअंदाज कर दिया जाता है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ट्रैक्टर रोजाना भोले भाले किसानों से लकड़ियां ले जाते हैं, लेकिन कोई रोकने वाला नहीं है। वन विभाग और राजस्व विभाग की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
अब सवाल यह उठता है—क्या लुण्ड्रा की हरियाली बिक चुका है?
क्या सरगुजा की हरियाली को बचाने की जिम्मेदारी अब सिर्फ आम जनता की रह गई है?
जनता को जवाब चाहिए और कार्यवाही की उम्मीद है।
जल्द मिलते हैं एक्सक्लूसिव वीडियो के साथ खबरें अपडेट की जा रही है ये तो सिर्फ ट्रेलर है। पिक्चर अभी बाकी है।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









