
एलुमिना प्लांट हादसा, जीएम सहित छह के खिलाफ एफआईआर
प्रशासनिक एवं कांग्रेस की जांच टीम मौके पर पहुंची, हादसे के बाद फैक्ट्री बंद
सरगुजा जिले के सिलसिला में एलुमिना प्लांट हादसे में प्लांट के जीएम सहित छह के खिलाफ लुंड्रा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया है। प्लांट में हुए हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई एवं तीन अन्य घायल हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर द्वारा गठित जांच टीम के अधिकारी व कांग्रेस की जांच टीम भी मंगलवार को प्लांट पहुंची। हादसे के बाद फैक्ट्री में काम बंद है।
सरगुजा जिले के सिलसिला में स्थित मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट में कोयला लोड हॉपर गिरने से सात मजदूर दब गए। इनमंे से चार की मौत हो गई। एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रथम दृष्टया हॉपर में ज्यादा कोयला लोड होने की वजह से हादसा हुआ है। मामले में लुंड्रा पुलिस ने छह के खिलाफ धारा 106(1) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने कंपनी के संचालकों के खिलाफ अभी अपराध दर्ज नहीं किया है।
इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
मामले में पुलिस ने एलुमिना फैक्ट्री के जीएम राजकुमार सिंह, सुपरवाइजर रंजित चौधरी, प्रोडक्शन मैनेजर तेज मलानी, बॉयलर इंचार्ज बीके मिश्रा, ठेकेदार विपिन मिश्रा, बायलर इंजार्च राकेश कुमार सिंह व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में बताया गया है कि कंपनी के मालिक ने अनुबंध के आधार पर एलुमिना रिफाइनरी का संपूर्ण काम ठेकेदार विपिन मिश्रा निवासी लुधियाना, पंजाब को सौंप दिया गया था। प्लांट में भूसा भरे जाने वाले हॉपर में क्षमता से अधिक कोयला भर दिया गया था, जिसके कारण रविवार सुबह 10.30 बजे बायलर चालू करने के दौरान कोयला से ओव्हरलोड हॉपर गिर गया। हादसे के दौरान 10 लोग मौके पर काम कर रहे थे, जिनमें से चार हॉपर गिरने से चपेट में आ गए।

सवाल क्या कंपनी संचालक के उपर होगा एफआईआर ?

क्या कंपनी पुरी सुरक्षा व्यवस्था गाइडलाइन के साथ चलती है?
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









