
BREAKING NEWS: सरगुजा में वन माफिया के सिंडिकेट पर वन विभाग का सबसे बड़ा प्रहार! आधी रात को IFS कुणाल मिश्रा की सर्जिकल स्ट्राइक से हड़कंप
अंधेरे का फायदा उठाकर भारी मशीनों से हो रही थी अवैध लकड़ी की लोडिंग; 12 चक्का ट्रक, स्वराज ट्रैक्टर और जॉन डियर लोडर जब्त, POR दर्ज कर भारतीय वन अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं में कसा शिकंजा
सरगुजा लुंड्रा SNT NEWS : -सरगुजा के जंगलों पर गिद्ध दृष्टि गड़ाए बैठे वन तस्करों और अवैध लकड़ी माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। युवा IFS अधिकारी के सीधे नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने लुंड्रा क्षेत्र में आधी रात को दबिश देकर न केवल अवैध लकड़ी परिवहन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया, बल्कि मौके से भारी-भरकम मशीनों समेत तीन बड़े वाहनों को रंगे हाथों धर दबोचा। वन विभाग के इस ताबड़तोड़ एक्शन के साथ ही राजस्व विभाग की टीम ने भी तत्काल मोर्चा संभालते हुए अवैध कटाई कर डंप किए गए भारी मात्रा में लट्ठों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के तस्करों और बिचौलियों में भारी हड़कंप मच गया है।

अंधेरे का खेल: हाइड्रोलिक क्रेन और ग्रैबर जबड़ों से लोड हो रहे थे भारी लट्ठे
मामला सिर्फ अवैध लकड़ी परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि जिस संगठित और हाई-टेक तरीके से इस काले कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था, उसे देखकर विभागीय अधिकारी भी दंग रह गए।
मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, लुंड्रा के गुप्त ठिकाने पर सामान्य तरीकों को दरकिनार कर भारी क्षमता वाले विशेष जॉन डियर ट्रैक्टर-लोडर (माइन 5310), जिसमें बड़े-बड़े हाइड्रोलिक क्रेन और लोहे के भारी ग्रैबर जबड़े (Grabber) लगे हुए थे, उसकी मदद से लकड़ी के भीमकाय लट्ठों को उठाकर गाड़ियों में भरा जा रहा था। माफिया इतने बेखौफ थे कि रातों-रात पूरे लकड़ी को 12 चक्का भारी-भरकम ट्रक में भरकर ठिकाने लगाने की मुकम्मल तैयारी कर चुके थे। लेकिन इससे पहले कि लकड़ी से लदा काफिला रवाना हो पाता, IFS अधिकारी के निर्देश पर वन अमले ने चारों तरफ से घेराबंदी कर पूरे सिंडिकेट को मौके पर ही दबोच लिया।
जप्तशुदा वाहनों और मशीनों का पूरा ब्योरा
वन विभाग ने मौके से लोडिंग और अवैध परिवहन में संलिप्त निम्नलिखित वाहनों को जब्त कर सील कर दिया है:
12 चक्का भारी ट्रक: क्रमांक CG 15 AC 5272 (जिसमें लकड़ी की अवैध खेप लोड थी)
स्वराज ट्रैक्टर: पंजीयन क्रमांक CG 14 ME 9903
जॉन डियर ट्रैक्टर लोडर (माइन 5310): भारी हाइड्रोलिक क्रेन व ग्रैबर जबड़े से लैस स्पेशल लोडिंग मशीन

आरोपियों और वाहनों पर:
छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम, 2001 की धारा 3
छत्तीसगढ़ अभिवहन नियम की धारा 22(2) (अवैध रात्रिकालीन परिवहन का उल्लंघन)
भारतीय वन अधिनियम की धारा 52(1) (अवैध वनोपज एवं प्रयुक्त समस्त वाहनों व औजारों की राजसात/जब्ती की सख्त धारा) के तहत गैर-जमानती कानूनी शिकंजा कसा गया है।
मैदान में डटी रही लुंड्रा रेंज की जांबाज टीम
IFS कुणाल मिश्रा के मार्गदर्शन में इस पूरे ऑपरेशन को जमीनी स्तर पर उतारने में लुंड्रा वन परिक्षेत्र के मैदानी अमले ने जबरदस्त साहस दिखाया।
दबिश और जब्ती की इस मैराथन कार्रवाई में:
रेंजर बीना पटेल परिक्षेत्र सहायक संजय तिर्की अलवीन कुजूर सतीश यादव, दिनेश तिवारी, मूलचंद, राम पंडो अवधेश कुमार, सोमनाथ बड़ा, प्रवीण सिंह, कुबेर सिंह, राजन गुप्ता सहित लुंड्रा रेंज का समस्त वन स्टाफ रातभर मुस्तैद रहा।
जांच की आंच अब बड़े आकाओं तक: कहां से कटी लकड़ी, कौन है असली मास्टरमाइंड ?
कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि इतनी भारी तादाद में बेशकीमती लकड़ी किस जंगल या संरक्षित क्षेत्र से काटी गई थी? इतनी बड़ी मशीनों और 12 चक्का ट्रक को सरगुजा की सीमा में बेधड़क उतारने की हिम्मत के पीछे कौन से रसूखदार चेहरे और लकड़ी माफिया के बड़े सरगना शामिल हैं ?
फिलहाल विभाग ने वाहनों को जप्त कर डिपो में सुरक्षित खड़ा करा दिया है और लकड़ी के स्रोत, वाहन मालिकों और इस संगठित गिरोह के तार खंगालने में जुट गया है।












