
पुलिस बल की मौजूदगी में गरबा महोत्सव के दौरान बाइक चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्टेडियम में देर रात तक चलता रहा आयोजन, बाइक खड़ी कर गरबा देखने गया था युवक; वापस लौटा तो गायब मिली मोटरसाइकिल
रूपेश गुप्ता—सीतापुर। नगर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में गरबा महोत्सव के दौरान बाइक चोरी की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोजन स्थल पर देर रात तक सैकड़ों लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल भी तैनात था, इसके बावजूद चोर ने मौका पाकर मोटरसाइकिल पार कर दी। घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की मौजूदगी और वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, सीतापुर निवासी युवक 16 अक्टूबर की रात अपनी हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 15 CY 8133) से स्टेडियम के पास पहुंचा था। बाइक खड़ी कर वह गरबा महोत्सव देखने चला गया। रात करीब 11:50 बजे जब वह वापस लौटा तो निर्धारित स्थान से मोटरसाइकिल गायब थी। आसपास तलाश करने और जानकारी जुटाने के बावजूद बाइक का पता नहीं चला।
पुलिस की तैनाती के बावजूद चोरों के हौसले बुलंद
गरबा महोत्सव जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन में जब पुलिस बल तैनात था, तब परिसर के आसपास से मोटरसाइकिल चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। आयोजन में शामिल होने वाले लोग अपने वाहन सुरक्षित होने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस घटना ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह भी है कि भीड़भाड़ वाले आयोजन स्थल के आसपास वाहनों की निगरानी के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और पुलिस की गश्त कितनी प्रभावी थी।
एफआईआर दर्ज, आरोपी की तलाश की चुनौती
मामले में पीड़ित की शिकायत पर सीतापुर थाने में 17 अक्टूबर को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अब पुलिस के सामने चोरी गई मोटरसाइकिल का पता लगाने और आरोपी तक पहुंचने की चुनौती है। घटना की जांच में आयोजन स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्य अहम साबित हो सकते हैं।
सार्वजनिक आयोजनों के दौरान पुलिस की तैनाती का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा और चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना होता है। ऐसे में गरबा महोत्सव के दौरान हुई इस वारदात ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।












