श्री स्वामिनारायण गादी संस्थान, श्री स्वामिनारायण मंदिर मणिनगर में श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा की 119वीं प्राकट्य जयंती मनाई गई

कनुभाई खाचर SNT NEWS– मानव सेवा अभियान के अंतर्गत विधवाओं, गर्भवती महिलाओं, पौष्टिक आहार तथा जरूरतमंद ग्रामीण क्षेत्रों की बहनों के लिए 12 लाख रुपये का दान
श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा स्मृति मंदिर – विश्वशांति केंद्र, घोड़ासर का 35वाँ वार्षिक पाटोत्सव भी मनाया गया।
श्री स्वामिनारायण गादी के आचार्य ज्ञानमहोदधि परम पूज्य श्री जितेन्द्रियप्रियदासजी स्वामीश्री महाराज की अध्यक्षता में श्री स्वामिनारायण मंदिर, मणिनगर में श्री स्वामिनारायण गादी के आद्य आचार्यप्रवर श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा की 119वीं प्राकट्य जयंती श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मानव सेवा अभियान के अंतर्गत विधवाओं, गर्भवती महिलाओं, पौष्टिक आहार तथा जरूरतमंद ग्रामीण क्षेत्रों की बहनों के कल्याण के लिए 12 लाख रुपये का दान दिया गया।
श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा की प्राकट्य जयंती के अवसर पर वैदिक पूजन, अर्चन, पादप्रक्षालन, आरती तथा पुष्प, शर्करा, सुपारी और श्रीफल से पूजन किया गया। साथ ही उनका भव्य एवं शाही स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा स्कॉटिश पाइप बैंड ने विश्वशांति के लिए मधुर धुन प्रस्तुत की।
श्री स्वामिनारायण गादी के आद्य आचार्यप्रवर परम पूज्य श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा ने टेप के माध्यम से अपने आशीर्वचन में कहा कि संत वह है जो भगवान की मूर्ति में समा सके। सच्चे संत को किसी प्रकार का अहंकार नहीं होता और सच्चे संत ही जीव को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त करा सकते हैं।
इस अवसर पर परम पूज्य ज्ञानमहोदधि आचार्य स्वामीश्री महाराज ने अपने आशीर्वचनों में मनुष्य जीवन में अच्छे संस्कार, धार्मिकता, व्यसनमुक्त जीवन तथा अंधविश्वास से मुक्त रहने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने काल, कर्म, माया और भय से मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही श्री मुक्तजीवन स्वामीबापा स्मृति मंदिर – विश्वशांति केंद्र, घोड़ासर का 35वाँ वार्षिक पाटोत्सव भी देश-विदेश से पधारे हरिभक्तों की उपस्थिति में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में महंत सद्गुरु श्री भगवत्प्रियदासजी स्वामी सहित अनेक संतों एवं हरिभक्तों ने भाग लिया।













