
खबर का असर भटगांव अस्पताल में ट्यूबवेल खनन शुरू, बदहाल व्यवस्था पर अब भी सवाल
कलेक्टर के निर्देश पर पीएचई विभाग ने शुरू कराया खनन कार्य, टूटे नलों की मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बहाली का इंतजार
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
सूरजपुर/भटगांव:–सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव की बदहाल व्यवस्था और पेयजल संकट को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार अस्पताल परिसर में ट्यूबवेल खनन का कार्य शुरू हो गया है। कलेक्टर रीना जमी़ल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने खनन कार्य शुरू कराया है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) राकेश सिंह ने भी ट्यूबवेल खनन कराने का आश्वासन दिया था।
ट्यूबवेल खनन शुरू होना निश्चित रूप से राहत की बात है, लेकिन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर कई सवाल अब भी बरकरार हैं। परिसर में टूटे पड़े नलों की मरम्मत कब होगी? नियमित पेयजल आपूर्ति कब सुनिश्चित की जाएगी? अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कब ठोस कदम उठाएंगे?

पेयजल संकट सामने आने के बाद खनन कार्य शुरू होना प्रशासनिक पहल का सकारात्मक संकेत है, लेकिन केवल ट्यूबवेल खनन से अस्पताल की सभी समस्याएं दूर नहीं होंगी। मरीजों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। वहीं, पीएचई विभाग को खनन कार्य पूरा कर पानी की उपलब्धता और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।
अब जिला कलेक्टर, बीएमओ और पीएचई विभाग के सामने चुनौती बाकी समस्याओं का समाधान करने की है। अस्पताल परिसर में टूटे नलों की मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए भी तत्काल पहल जरूरी है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।
खबर प्रकाशित होने के बाद ट्यूबवेल खनन शुरू होना जनहित के मुद्दे पर हुई कार्रवाई का सकारात्मक उदाहरण है, लेकिन असली सफलता तभी होगी, जब अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार दिखाई देगा। जनता को केवल आश्वासन नहीं, धरातल पर परिणाम चाहिए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग बाकी समस्याओं को दूर करने के लिए कब तक कदम उठाते हैं और मरीजों को बेहतर सुविधाएं कब मिलती हैं।












