
सिंघल क्रेशर फैक्ट्री में बड़ा हादसा: कन्वेयर के नीचे दबने से मजदूर की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बलरामपुर/राजपुर बलरामपुर जिले के बरियों चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्थित सिंघल क्रेशर फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फैक्ट्री में काम कर रहे करीब 20 वर्षीय युवक अल्मोन (Xaxa) की कन्वेयर के नीचे दबने से मौत हो गई। मृतक युवक लूंडरा के ग्राम खाराकोना का रहने वाला है घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रत्यक्षदर्शियों और फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब मृतक युवक को कन्वेयर साफ करने के लिए कहा गया था। उसी दौरान अचानक ऊपर लगा भारी सूट/संरचना टूटकर युवक के ऊपर गिर पड़ा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूरों ने काफी मशक्कत के बाद गैस कटर और जेसीबी की मदद से युवक को बाहर निकाला। घटना के बाद घायल युवक को आनन-फानन में अंबिकापुर मिशन अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

युवक अर्पण एक्का ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के साथ काम कर रहे युवक अर्पण एक्का ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि फैक्ट्री में मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। ना ही मौके पर फर्स्ट एड किट मौजूद थी और ना ही एंबुलेंस की व्यवस्था थी। यदि समय रहते सुरक्षा और उपचार की सुविधा मिल जाती तो शायद युवक की जान बच सकती थी।

हादसे के बाद मजदूरों पर दबाव
युवक ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद मजदूरों पर दबाव बनाया गया कि वे घटना को “जेसीबी की बैकट से हुआ एक्सीडेंट” बताएं। साथ ही कथित रूप से सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने की बात भी कही गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिजन और अन्य मजदूर इसे लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
हादसे को छुपाने की कोशिश ?
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक की मौत कन्वेयर के नीचे दबने से हुई, लेकिन मामले को अलग दिशा देने की कोशिश की जा रही थी। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें वास्तविक घटना छुपाने और अलग बयान देने के लिए कहा गया।
क्षेत्र में लंबे समय से उठ रहे विरोध के स्वर
बताया जा रहा है कि राजपुर क्षेत्र में संचालित कई क्रेशर प्लांटों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीण पहले भी अवैध खनन, ब्लास्टिंग और धूल प्रदूषण को लेकर विरोध जता चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।












