
आस्था का सम्मान, विकास को नई दिशा, पैकरा के हस्तक्षेप से सुलझा सरसोर मंदिर पुलिया विवाद
पूर्व गृह मंत्री व मंत्री दर्जा प्राप्त वन विकास मंडल के उपाध्यक्ष रामसेवक पैकरा के संतुलित निर्देशों से बनी सर्वसम्मति, ग्रामीणों ने की खुलकर सराहना
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
भैयाथान/:– जिले के पहाड़ अमोरनी–मटिगढ़ा क्षेत्र में सरसोर मंदिर परिसर के पास प्रस्तावित पुलिया निर्माण को लेकर चला आ रहा विवाद आखिरकार सहमति के साथ सुलझता नजर आ रहा है। लंबे समय से जारी विरोध, जनभावनाओं के दबाव और खबर के असर के बीच पूर्व गृह मंत्री एवं मंत्री दर्जा प्राप्त वन विकास मंडल के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के मौके पर पहुंचकर किए गए हस्तक्षेप ने पूरे मामले को निर्णायक मोड़ दे दिया।
ग्रामीणों ने पहले ही लिखित आवेदन के जरिए मंदिर परिसर में निर्माण का विरोध दर्ज कराया था। उनका कहना था कि इससे धार्मिक आस्था, पारंपरिक आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी। विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाकर मामले की गंभीरता से समीक्षा शुरू की, जिसके बाद समाधान के लिए जमीनी स्तर पर पहल की गई।
इसी कड़ी में रामसेवक पैकरा स्वयं स्थल पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति को समझा। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिनिधि, दोनों ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी और मटिगढ़ा के ग्रामीणों के साथ-साथ विभागीय निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर भी मौजूद रहे। सभी पक्षों के बीच खुलकर चर्चा हुई, जहां हर किसी को अपनी बात रखने का अवसर मिला।
निरीक्षण के दौरान पैकरा ने अत्यंत संतुलित, व्यावहारिक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन आस्था और जनभावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। उनके मार्गदर्शन और स्पष्ट निर्देशों के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पुलिया का निर्माण अब सरसोर मंदिर परिसर से लगभग 500 मीटर दूर, ऊपरी हिस्से में किया जाएगा। इस फैसले को मौके पर मौजूद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने तुरंत स्वीकार करते हुए पैकरा के निर्णय की सराहना की।
नए स्थल को तकनीकी दृष्टि से भी उपयुक्त माना गया है और यह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रस्तावित योजना के अनुरूप है। पहाड़ अमोरनी की ओर मार्ग के लिए शासकीय भूमि उपलब्ध है, जबकि मटिगढ़ा की ओर कुछ निजी भूमि चिन्हित की गई है, जिनके स्वामियों ने भी मार्ग निर्माण के लिए सहमति दे दी है। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही बड़ी बाधा दूर हो गई है और अब काम तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति में है।

मौके पर रामसेवक पैकरा ने लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग, अंबिकापुर) के कार्यपालन अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए कि सहमति के अनुसार नए स्थल पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण के दौरान आने वाली किसी भी समस्या का समाधान आपसी समन्वय और संवाद के जरिए किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पैकरा के इस पहल की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप और सकारात्मक सोच के चलते एक बड़ा विवाद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ पाया है। लोगों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील और जमीन से जुड़े नेतृत्व से ही विकास कार्यों को सही दिशा मिल सकती है।
पूरे घटनाक्रम को आस्था और विकास के बीच संतुलन की एक सफल मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जहां संवाद, सहमति और संवेदनशीलता के जरिए समाधान निकाला गया। फिलहाल क्षेत्र में संतोष और सकारात्मक माहौल है, और अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा नए स्थल पर पुलिया निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर टिकी है।


Author: SNT NEWS
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