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खबर का असर खदान की मिट्टी में दफन जलाशय, एसईसीएल, ठेकेदार और विभागीय लापरवाही से बैजनाथपुर में गहराया जल संकट

खबर का असर खदान की मिट्टी में दफन जलाशय, एसईसीएल, ठेकेदार और विभागीय लापरवाही से बैजनाथपुर में गहराया जल संकट

2.22 करोड़ की मरम्मत अधूरी, निरीक्षण में खुली पोल; जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब ?

सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता भटगांव:–भैयाथान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बैजनाथपुर का जलाशय आज प्रशासनिक लापरवाही और खनन प्रबंधन की अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। एसईसीएल की ओपन कास्ट खदान से निकली मिट्टी ने जलाशय को लगभग पाट दिया है, वहीं करोड़ों रुपये की स्वीकृत मरम्मत योजना अधूरी छोड़ दी गई। सवाल यह है कि आखिर इस पूरे खेल के जिम्मेदार कौन हैं, एसईसीएल प्रबंधन, ठेकेदार या संबंधित विभागीय अधिकारी?

खबर सामने आने के बाद भले ही एसईसीएल भटगांव प्रबंधन ने निरीक्षण टीम भेजकर औपचारिकता निभाई, लेकिन जमीनी सच्चाई ने पूरे तंत्र की पोल खोल दी। सबएरिया इंचार्ज मंगल राम के नेतृत्व में हुई जांच में साफ पाया गया कि खदान की मिट्टी कटाव होकर सीधे जलाशय में समाहित हो चुकी है, जिससे उसकी जलभराव क्षमता लगभग खत्म हो गई है। यह वही मुद्दा है जिसे ग्रामीण लंबे समय से उठाते आ रहे थे, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें मूंदे रखीं।

सबसे बड़ा सवाल 2.22 करोड़ रुपये की उस मरम्मत योजना पर है, जो कागजों में तो पूरी दिखती है, लेकिन जमीन पर अधूरी पड़ी है। कार्य शुरू हुआ, लेकिन ठेकेदार ने बीच में ही काम छोड़ दिया। न कोई जवाबदेही तय हुई, न ही किसी अधिकारी ने समय पर हस्तक्षेप किया। परिणाम आज जलाशय का अस्तित्व ही संकट में है।



ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन ने खनन कार्य के दौरान पर्यावरणीय मानकों की खुलेआम अनदेखी की। खदान से निकली मिट्टी को व्यवस्थित तरीके से निपटान करने के बजाय उसे जलाशय क्षेत्र में बहने दिया गया। इससे न सिर्फ जलाशय की संरचना कमजोर हुई, बल्कि पूरे क्षेत्र में जल संकट गहरा गया।

निरीक्षण के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले मानसून में हालात और भयावह हो सकते हैं। खेतों में पानी भराव, बाढ़ जैसे हालात और जान-माल के नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब सवाल यह उठता है कि निरीक्षण के बाद क्या होगा? क्या यह भी महज एक औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह जाएगा, या फिर एसईसीएल, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर वास्तविक कार्रवाई होगी?

बैजनाथपुर का जलाशय आज जवाब मांग रहा है और जवाब देना अब सिस्टम के लिए टालना मुश्किल होता जा रहा है।

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Author: SNT NEWS

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