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सलका की सीसी रोड़ पर घमासान, घटिया निर्माण, अधूरा काम और जिम्मेदारों की चुप्पी से भड़का जनाक्रोश जिम्मेदार कुंभकरणीय नींद पर

सलका की सीसी रोड़ पर घमासान, घटिया निर्माण, अधूरा काम और जिम्मेदारों की चुप्पी से भड़का जनाक्रोश
खबरों के बाद भी नहीं जागे अधिकारी, कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर  राजेश गुप्ता
भैयाथान – सलका:–ग्राम पंचायत सलका में लाखों रुपए की लागत से बन रही सीसी सड़क अब विकास के बजाय विवाद, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरती नजर आ रही है। अधूरा निर्माण, घटिया गुणवत्ता और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थिति यह है कि सड़क निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है और लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

अधूरा निर्माण बना मुसीबत, जाम से लोग परेशान

ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद एक सप्ताह से अधिक समय से बंद पड़ा है। अधूरी सड़क, गड्ढों और उखड़े हिस्सों के कारण राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था का माहौल है।

गुणवत्ता पर सवाल, जगह-जगह दरारें
निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी गंभीर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट, रेत और गिट्टी का संतुलन ठीक नहीं होने से कंक्रीट कमजोर पड़ रहा है और कई स्थानों पर सड़क में दरारें भी नजर आने लगी हैं।

क्योरिंग सिर्फ औपचारिकता, टिकाऊपन पर खतरा

सीसी सड़क निर्माण में क्योरिंग (तराई) बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, लेकिन यहां इसे केवल औपचारिकता के रूप में किया जा रहा है। पर्याप्त पानी नहीं डाले जाने से कंक्रीट अपनी पूरी मजबूती हासिल नहीं कर पा रहा, जिससे सड़क के जल्द खराब होने की आशंका बढ़ गई है।

*लागत सूचना पटल गायब, पारदर्शिता पर सवाल*

निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित लागत और अवधि की जानकारी देने वाला सूचना पटल तक नहीं लगाया गया है। इससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीणों को योजना की वास्तविक जानकारी नहीं मिल पा रही है।

*निगरानी नदारद, ठेकेदार पर मनमानी के आरोप*

ग्रामीणों ने ठेकेदार अंकित दुबे पर मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंच रहे, जिससे ठेकेदार बिना किसी नियंत्रण के काम कर रहा है।

खबरों का नहीं पड़ा असर, जिम्मेदारों की चुप्पी बरकरार

इस मामले को लेकर पहले भी समाचार प्रकाशित किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। हालात में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार इंजीनियर मौके पर आकर निरीक्षण करने के बजाय कार्यालय में बैठकर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। यदि समय-समय पर स्थल निरीक्षण होता, तो निर्माण में हो रही खामियां सुधारी जा सकती थीं।

कांग्रेस का हस्तक्षेप, आंदोलन की चेतावनी

मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सलका के अध्यक्ष प्रदीप राजवाड़े ने निर्माण कार्य को गुणवत्ता विहीन बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार को चेताया है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य की जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने साफ कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

प्रशासन की साख दांव पर
सलका की यह सड़क अब प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुकी है। यदि समय रहते पारदर्शी जांच और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है, क्या कार्रवाई होगी या यह सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी?

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Author: SNT NEWS

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