BREAKING – हाथी का कहर: 24 घंटे में 3 हमले, 4 मौतें – सरगुजा और सीतापुर में दहशत

Elephant havoc: 3 attacks, 4 deaths in 24 hours – panic in Surguja and Sitapur

SHAIF FIRDOUSI संपादक
सरगुजा लुण्ड्रा | सीतापुर | 31 जुलाई:
छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है। बीते 24 घंटों में तीन अलग-अलग जगहों पर हाथियों के हमले में 4 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। घटनाएं लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्र की हैं, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।  

एक दिन, तीन गांव, चार लाशें | कब थमेगा हाथी का यह खूनी तांडव❓

???? 1. ग्राम बकीला (सखौली बीट, लुण्ड्रा) | सुबह 4:20 बजे, 30 जुलाई

लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम बकीला में एक ग्रामीण महिला सुबह खेत की ओर निकली थी, तभी संभरलोटान जंगल क्षेत्र (PF-2690 कक्ष) में हाथी से आमना-सामना हो गया।
???? हाथी ने हमला कर दिया और महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

???? वन विभाग के अनुसार यह हाथी बलरामपुर वनमंडल के राजपुर बीट (बादा) से सरगुजा के उदारी सर्किल तक भटकते हुए पहुंचा था।

???? 2. ग्राम बेवरा (नवापारा चिराग, लुण्ड्रा) | शाम 7 बजे, 30 जुलाई

ग्राम नवापारा चिराग के आश्रित गांव बेवरा में राम (उम्र करीब 60 वर्ष) अपनी पुत्री प्यारी (उम्र करीब 35 वर्ष) के साथ खेत में रोपा लगाकर घर लौट रहे थे।
जंगल के पास हाथी से आमना-सामना हो गया।
???? दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
गांव में शोक की लहर है।

???? 3. ग्राम देवगढ़ (सीतापुर) | सुबह 6 बजे, 31 जुलाई

सीतापुर के देवगढ़ (पारा बखरी पारा) निवासी मोहरलाल सुबह खेत की ओर घूमने निकले थे।
???? सुबह करीब 6 बजे, हाथी से मुठभेड़ हुई और मोहरलाल की मौत हो गई।

???? वन विभाग की प्रतिक्रिया:

SDO जैनी मिंज (लुण्ड्रा) ने बताया:

> “हाथी की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। सभी संभावित प्रभावित गांवों को पहले ही सूचित किया गया था।”

???? मृतकों के परिजनों को ₹25,000 की तात्कालिक सहायता राशि दी जा रही है।

❗ एक दिन, तीन गांव, चार लाशें | कब थमेगा हाथी का यह खूनी तांडव?

ग्रामीणों ने शासन से मांग की है:

स्थायी निगरानी व्यवस्था

साउंड अलर्ट सिस्टम

वन्यजीव नियंत्रण के लिए त्वरित टीमें

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Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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