40,300 के भुगतान पर घिरा कन्या विद्यालय, प्रभार विवाद से उठे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल

40,300 के भुगतान पर घिरा कन्या विद्यालय, प्रभार विवाद से उठे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल

अघिना सलका के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक विवाद ने पकड़ा तूल, ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की

सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ   राजेश गुप्ता सलकाअघिना
सूरजपुर/भैयाथान:– भैयाथान विकासखंड के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अघिना सलका में वित्तीय अनियमितताओं और प्रभार विवाद का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सेवानिवृत्त प्राचार्य ओमप्रकाश योगी के जांच टीम के समक्ष दिए गए लिखित बयान तथा ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों ने विद्यालय की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य चंद्रपाल कुशवाहा, जो वर्तमान में सहायक परियोजना अधिकारी (ADPO) सूरजपुर हैं, तथा वर्तमान प्रभारी प्राचार्य नीलिमा लकड़ा की कार्यप्रणाली को लेकर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

योगी के अनुसार, उन्होंने 2 सितंबर 2025 को पदोन्नति के बाद विद्यालय में प्राचार्य का पदभार संभाला था। आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य चंद्रपाल कुशवाहा ने उन्हें वित्तीय प्रभार और DDO संबंधी अधिकार नहीं सौंपे। प्रभार हस्तांतरण को लेकर लगातार टालमटोल किए जाने का आरोप है। सितंबर 2025 में कुशवाहा की ADPO पद पर प्रतिनियुक्ति के बाद भी वित्तीय अधिकारों को लेकर स्थिति विवादित बनी रही।

विद्यालय के PFMS खाते से ₹40,300 के आहरण ने पूरे मामले को और गरमा दिया। शिकायत के मुताबिक, यह राशि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर टकेश्वर रजक के मानदेय के नाम पर निकाली गई। सेवानिवृत्त प्राचार्य का दावा है कि संबंधित ट्रेनर विद्यालय आया ही नहीं और छात्राओं को प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। उन्होंने 8 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत देने की बात कही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि भुगतान किस आधार पर किया गया और प्रशिक्षण वास्तव में कराया गया था या नहीं।

विवाद की आंच वर्तमान प्रभारी प्राचार्य तक भी पहुंच गई है। 11 अगस्त 2026 को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नीलिमा लकड़ा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। शिकायत में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ कथित उपेक्षापूर्ण व्यवहार, जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव, शाला प्रबंधन समिति के गठन में नियमों की अनदेखी तथा छात्राओं से शुल्क में कथित अनुचित बढ़ोतरी कर वसूली किए जाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

सेवानिवृत्त प्राचार्य ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि पूरे मामले को दबाने और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को बचाने के लिए विभागीय स्तर पर जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को विद्यालय का संपूर्ण प्रभार नीलिमा लकड़ा को सौंपने का आदेश जारी किया गया। शिकायत में कुछ शिक्षिकाओं की लंबी छुट्टियों की स्वीकृति और वेतन संबंधी कथित विसंगतियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए वर्तमान प्रभारी प्राचार्य को हटाने, चंद्रपाल कुशवाहा की प्रतिनियुक्ति की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा गणित समेत अन्य विषयों के योग्य शिक्षकों की तत्काल पदस्थापना की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि छात्राओं के भविष्य से जुड़े विद्यालय में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होगा कि ₹40,300 के आहरण का वास्तविक आधार क्या था, प्रशिक्षण हुआ था या नहीं, वित्तीय प्रभार को लेकर नियमों का पालन हुआ अथवा नहीं और लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही संभव है।

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Author: SNT NEWS

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