
NEET-UG विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी को भेजा त्यागपत्र
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद और छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजते हुए कहा कि देश के युवाओं की भावनाओं, आकांक्षाओं और भविष्य को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।
प्रधान ने अपने पत्र में स्वीकार किया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा CBT (Computer Based Test) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराना थी, जिसमें केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उनका उद्देश्य था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों को सफलता मिली, लेकिन कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर में बनी स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें, विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी विवादों में न फंसे और युवा अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी भावना से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।













