
MRP की आड़ में लूट: अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने बोटाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट: कनुभाई खाचर बोटाद (गुजरात): देश भर में मैन्युफैक्चरर्स और सेलर्स द्वारा MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) के जरिए उपभोक्ताओं के साथ हो रही कथित “वित्तीय लूट” के खिलाफ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने 22 मई को बोटाद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और कलेक्टर से मुलाकात कर केंद्र सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
मनमानी कीमतों का खुलासा
ज्ञापन में ग्राहक पंचायत ने चौंकाने वाले उदाहरण पेश करते हुए बताया कि कैसे मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां लागत मूल्य से कई गुना अधिक कीमतें छाप रही हैं।
इलेक्ट्रिक गीजर: एक ब्रांडेड 3 लीटर के गीजर की बाजार कीमत लगभग ₹2,700 है, जबकि उस पर MRP ₹6,700 छपी होती है।
दवाइयां: जो दवाइयां होलसेल में ₹8 (10 टैबलेट) की मिलती हैं, उन पर MRP ₹120 तक अंकित होती है।
संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से MRP तय करने के लिए कोई सख्त पॉलिसी न होने के कारण कंपनियां मनमाने ढंग से कीमतें तय कर रही हैं, जिससे आम ग्राहक और छोटे व्यापारियों का शोषण हो रहा है।
प्रमुख मांगें
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने केंद्र सरकार से मांग की है कि:
अनियंत्रित मुनाफ़ाखोरी को रोकने के लिए तुरंत एक सख्त कानून बनाया जाए।
MRP तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और इसके लिए एक नियंत्रण प्रणाली स्थापित हो।
मौजूद रहे पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपते समय बोटाद जिले के संयोजक श्री किशन भाई शुक्ला, सह-संयोजक श्री मयूरध्वजसिंह भाटी, श्री विपुलभाई जोशी और श्री सतीश भाई जादव उपस्थित रहे और इस गंभीर मुद्दे पर अपना प्रेजेंटेशन दिया।













