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SECL खदान की मिट्टी से भरता जलाशय, करोड़ों की मरम्मत योजना अधूरी, यहां बड़ा संकट 2.22 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद काम ठप

एसईसीएल खदान की मिट्टी से भरता जलाशय, करोड़ों की मरम्मत योजना अधूरी, बैजनाथपुर में बढ़ा बड़ा संकट

2.22 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद काम ठप, ठेकेदार और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप, बरसात में जन-धन और खेती पर खतरा


सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर   राजेश गुप्ता
सूरजपुर–जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम बैजनाथपुर का जलाशय इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। एक ओर करोड़ों रुपये की स्वीकृत मरम्मत योजना अधूरी पड़ी है, वहीं दूसरी ओर एसईसीएल भटगांव खदान से निकल रही मिट्टी जलाशय में डंप किए जाने से स्थिति और भयावह हो गई है। इस दोहरी लापरवाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, बैजनाथपुर (ब) जलाशय के मरम्मत कार्य के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 2,22,79,000 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति 13 अगस्त 2024 को जारी की गई थी। कार्य जल संसाधन विभाग के माध्यम से ठेकेदार को सौंपा गया और शुरू भी हुआ, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने कार्य बीच में ही अधूरा छोड़ दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल भटगांव क्षेत्र से निकाली जा रही भारी मात्रा में मिट्टी को जलाशय और उसके आसपास डंप किया जा रहा है, जिससे जलभराव क्षेत्र लगातार कम होता जा रहा है, बांध की जलधारण क्षमता लगभग समाप्त हो गई है, जलाशय की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है, इससे जलाशय का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।

ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य पूरा नहीं कराया गया और मिट्टी डंपिंग नहीं रोकी गई, तो आगामी बारिश में खेतों में पानी भरने से फसलें चौपट हो सकती हैं, गांव में जलभराव और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी, जन-धन की हानि से इंकार नहीं किया जा सकता।

इस पूरे मामले में जल संसाधन विभाग, एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य की निगरानी और जवाबदेही तय नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

ग्राम बैजनाथपुर के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, जलाशय क्षेत्र में मिट्टी डंपिंग तत्काल रोकी जाए, दोषी अधिकारियों, एसईसीएल प्रबंधन और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए, वर्षा ऋतु से पहले गुणवत्ता के साथ मरम्मत कार्य पूर्ण कराया जाए।

आवेदन में ग्राम पंचायत बैजनाथपुर (भैयाथान) के सरपंच, उपसरपंच सहित अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल हैं, जो इस मुद्दे की गंभीरता और जनआक्रोश को दर्शाते हैं।

बैजनाथपुर जलाशय की स्थिति अब एक बड़े प्रशासनिक और पर्यावरणीय संकट का रूप लेती जा रही है। करोड़ों की योजना अधूरी रहने और खदान की मिट्टी से जलाशय भरने की समस्या ने ग्रामीणों की आजीविका और सुरक्षा दोनों पर खतरा खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।

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Author: SNT NEWS

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