
रायपुर | 14 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ की राजनीति में तूफान मचाते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई के निदेशक को पत्र लिखकर राज्य के इतिहास के सबसे बड़े 1.5 लाख करोड़ के वित्तीय घोटाले की जांच की मांग की है।
घोटाले में क्या-क्या शामिल?
???? नागरनार स्टील प्लांट – 26,000 करोड़ की संपत्ति
???? बैलाडिला लौह अयस्क खदानें – 85,000 करोड़ का मूल्य
???? भविष्य का राजस्व नुकसान – 40,000 करोड़
➡️ कुल अनुमानित घोटाला: 1.5 लाख करोड़ रुपये
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⚡ सबसे बड़ा विवाद: PM के वादे बनाम NMDC की रिपोर्ट
• 3 अक्टूबर 2023 – प्रधानमंत्री का सार्वजनिक वादा:
“नागरनार प्लांट का निजीकरण नहीं होगा।”
• 29 अक्टूबर 2025 – एनएमडीसी की रिपोर्ट में उलट बयान:
“विनिवेश जारी है।”
अमित जोगी ने इसे केंद्रीय स्तर पर जनता के साथ किया गया गंभीर धोखा बताया है।
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???? घोटाले की टाइमलाइन (7 दिनों में बड़े फैसले)
• 29 अक्टूबर 2025: नागरनार स्टील प्लांट के 90% शेयर निजी कंपनी को बेचने की मंजूरी
• 1 नवंबर 2025: पर्यावरण मंत्रालय ने किरंदुल–अनकापल्ली स्लरी पाइपलाइन को मंजूरी दी
• 7 नवंबर 2025: इस्पात मंत्रालय की अंतिम मंजूरी
• 9 नवंबर 2025: गजट नोटिफिकेशन जारी — 4 जिलों में भूमि अधिग्रहण स्वीकृत
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???? वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप
• 120 करोड़ का कोयला आयात घोटाला – एक “गैर-मौजूद” अमेरिकी कंपनी से अनुबंध
• छत्तीसगढ़ में पर्याप्त कोयला भंडार होने के बावजूद आयात—जोगी ने इसे “स्पष्ट मिलीभगत” बताया
• लाभ-घाटा खेल:
– पहली तिमाही में 26 करोड़ का लाभ
– दूसरी तिमाही में अचानक घाटा
➡️ अमित जोगी: “यह सुनियोजित वित्तीय हेराफेरी है।”
किन-किन कानूनों का उल्लंघन?
• भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988
• धन शोधन निवारण अधिनियम 2014 (PMLA)
• पेसा कानून 1996
???? अमित जोगी की माँग
✔️ पूरे 1.5 लाख करोड़ घोटाले की सीबीआई जांच
✔️ निजीकरण के सभी प्रस्ताव तत्काल वापस लिए जाएं
✔️ एनएमडीसी स्टील के सीएमडी की सार्वजनिक माफी
✔️ नागरनार को स्थायी सार्वजनिक इकाई घोषित करने की कानूनी गारंटी
15 दिन का अल्टीमेटम
अमित जोगी ने कहा—
“यह सिर्फ आर्थिक घोटाला नहीं, छत्तीसगढ़ की जनता के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात है।”
➡️ 15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो जनता कांग्रेस (जे) राज्यव्यापी जनआंदोलन छेड़ेगी।











