
भैयाथान हायर सेकेंडरी स्कूल बना मौत का कुआं
328 बच्चों सहित 27 शिक्षकों की जिंदगी खतरे में, प्रशासन मौन
सरगुजा न्यूज़ टुडे रिपोर्टर भटगाव सलका
/भटगाव
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैयाथान का भवन आज मौत को दावत देता नजर आ रहा है। 328 छात्र-छात्राएं और 27 शिक्षक-कर्मचारी रोज़ इस जर्जर इमारत में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने मजबूर हैं। दीवारों पर गहरी दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और टूटती फर्श, मानो किसी बड़ी दुर्घटना का संकेत दे रही हों।
कभी भी हो सकता है हादसा, पर जिम्मेदार खामोश
ब्लॉक मुख्यालय के बीचोंबीच स्थित यह विद्यालय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर है। सवाल उठता है, जब शिक्षा विभाग के नाक के नीचे स्थित विद्यालय की हालत ऐसी है, तो दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों की दशा कैसी होगी?
विद्यालय की इमारत इतनी खस्ताहाल है कि हल्की बारिश या तेज हवा में छात्रों को कक्षाओं से बाहर निकालना पड़ता है। बावजूद इसके, न तो मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही छात्रों को वैकल्पिक सुरक्षित भवन उपलब्ध कराया गया।
कई बार किया आवेदन, पर कोई सुनवाई नहीं
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती लुसिया पन्ना ने बताया कि हमने बार-बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को आवेदन देकर भवन की मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर दिन डर के साए में बच्चों को पढ़ाना पड़ता है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी मानो किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं
भैयाथान जैसे ब्लॉक मुख्यालय में शिक्षा विभाग की यह लापरवाही चिंताजनक है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक इस जर्जर भवन की दशा से वाकिफ हैं, फिर भी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा। सवाल यह भी उठता है क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?
जवाबदेही तय करने की जरूरत
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर भवन की मरम्मत या नए भवन निर्माण की मांग की है। साथ ही, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की अपील की है।
सवाल उठता है, जब शिक्षा का मंदिर खुद खंडहर बन चुका है, तो बच्चों के भविष्य की नींव कैसे मजबूत होगी ?










