
लैलूंगा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं आखिर इतनी नाराजगी क्यों ?……
लैलूंगा संवाददाता –लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है। इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है वर्तमान विधायक विद्यावती सिदार का कार्यशैली और कार्यकर्ताओं के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया। ग्रामीण इलाकों से लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गहरा असंतोष फैल चुका है, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
दबी जुबान पर चर्चा की जनता का विश्वास् खोता जा रहा ?…
कांग्रेस समर्थकों में गुस्से की सुगबुगाहट साफ तौर पर देखा जा सकता है।
हाल ही में हुए नगर पंचायत व जनपद पंचायत चुनावों में कांग्रेस की करारी हार ने इन आशंकाओं को और भी बल दिया है। लैलूंगा शहर, जो हमेशा कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है, वहां भाजपा उम्मीदवार ने कांग्रेस को कड़ी शिकस्त दी। यह हार विधायक की निष्क्रियता और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का सीधा परिणाम मानी जा रही है।
लैलूंगा ब्लॉक के 129 गांवों में जनता का विरोध खुलकर सामने आ रहा है। विधायक बनने के बाद विद्यावती सिदार का कार्यकर्ताओं से दूरी बनाना, उनके सुझावों की अनदेखी करना और विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी से कार्यकर्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि जिन कार्यकर्ताओं ने पिछली बार कांग्रेस की जीत के लिए दिन-रात मेहनत की थी, वे अब पार्टी से दूरी बना रहे हैं।
पार्टी के भीतर भी चर्चा है कि अगर कांग्रेस ने इस बार फिर विद्यावती सिदार को मैदान में उतारा, तो लैलूंगा की सीट हाथ से जाना लगभग तय है। जनता ने उन्हें समर्थन भी दिया था लेकिन अब वह समर्थन तेजी से खिसक रहा है।
अगर कांग्रेस लैलूंगा में अपनी सीट बचाना चाहती है, तो उसे समय रहते ठोस निर्णय लेना होगा, आने वाला चुनाव कांग्रेस के लिए एक और हार की कहानी बन सकता है।
विधायक निधि द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों में भी भ्रष्टाचार की आशंका ?…

जनपद पंचायत क्षेत्र में विधायक निधि द्वारा स्वीकृत करोड़ो के पुल पुलिया निर्माण में भ्रष्टाचार होने की आशंका जताई जा रही है।

दबी जुबान पर चर्चा है कि कई ग्राम पंचायतों में निर्माणाधीन पुल के लिए जगह ना मिलने पर भी जबरन पुल स्वीकृत करा के निर्माण कराया जा रहा है जिसमे भी भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









