
ब्रेकिंग बतौली के माननदी में पानी के लिए मचा हा हा कार खेत के फसल बचाने किसान परेशान जेसीबी से खुदवा बनवा रहे नदी में कुआ
सरगुजा के बतौली में गर्मी अभी शुरुआती दौर में है लेकिन अभी से ही जल स्तर के घटते परिणाम आम जन के लिए चिंता का विषय है ।

घटते जल स्तर के कारण ही सर्वप्रथम बतौली क्षेत्र के मंगारी नदीपारा स्थित माननदी पूरी तरह सुख चुकी है हर तरफ बालू और पत्थल नजर आ रहे है पानी के लिए नदी किनारे फसल उगाए किसानों के लिए पानी की वजह से उत्पन समस्या से गंभीर स्थिति हो गई है कर्ज लिए किसान नदी किनारे खेत होने से पूरे क्षेत्र में गेहूं,गर्मी धान, गन्ना की खेती,मक्का की खेती ,सब्जी की खेती हजारों एकड़ में किसानों द्वारा की जाती है लेकिन समय से पहले ही माननदी के सुख जाने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही है कि आधे अधूरे तैयार फसल में पानी कहा से सिंचाई करें।

पानी की कमी से चिंतित किसान माननदी में जेसीबी से खुदवा ली कुआंअब कर रहे पंप लगा सिंचाई
ग्राम पंचायत मंगारी नदीपारा के किसान भाई राफेल, जोवाकिम, बहादुर, छन्नू, रमेश,ने बताया कि माननदी के पूरी तरह सूखने से पानी बिल्कुल नहीं है जिससे खेत में फसल की पैदावार बढ़ाने के साथ ही पालतू जानवरों को पानी कैसे पिलाए चिंता सता रही है इसी समस्या के चलते अपनी अपनी खेतों में लगी फसल को बचाने बीच नदी में जेसीबी के माध्यम से कुआं हम सब मिलकर खुदवा रहे है जिसकी गहराई 8 से 10 फिट गहरी रहेगी जिसके पानी से अपनी फसल को बचा औसत फसल पैदावार हो जाए ताकि हम किसान भाइयों को खेती में की गई खर्च मिल सके ।इसलिए जगह जगह जेसीबी के माध्यम से कुआं खनन किया जा रहा है। जिससे खेतों में पानी सिंचाई किया जा रहा है
बतौली क्षेत्र के जीवनदायनी नदी माननदी का गिरता जल स्तर कई गांवों पर पड़ेगा असर
गौरतलब है कि माननदी से बतौली क्षेत्र के सैंकड़ों लोगों को हजारों एकड़ की खेती के लिए सिंचाई के माध्यम से जीने का सहारा बना हुआ था लेकिन जीवनदायनी माननदी के मार्च के पहले हफ्तेभर में ही सुख जाना आमजन सहित किसानों को मुसीबत में डाल दिया है किसानों में पानी को लेकर हा हा कार मचा हुआ है पानी की कमी से तारागी, पोपरेंगा,सरमना,पथराई, सुवारपारा, मंगारी,कपाटबहरी, वीरिमकेला, महेशपुर ,विशुनपुर सहित कई गांवों के किसान पानी की समस्या से जूझ रहे है
अब सुखी माननदी में बालू और पत्थलरेत तस्कर मालामाल
जीवनदायनी माननदी के सुख जाने से रेत और पत्थल ही दिखाई दे रही है जहां अब युद्ध स्तर पर रेत तस्कर सक्रिय हो गए है माननदी नदीपारा मंगारी सहित विशुनपुर में रेत तस्कर सक्रिय है नदी में पानी की कमी से क्षेत्र के रेत तस्कर मालामाल हो रहे है जिससे सुखी नदी का दोहन भी लगातार जारी है जहां प्रशासन अभी तक उदासीन है
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









