
बंदरों के आतंक से किसान परेशान हो गए हैं जी हां दरअसल ग्राम पंचायत खराकोंना गाजरमुंडा के किसानों ने कुछ जगह पर मक्के की खेती की हुई है और अब मक्के की खेती की हरवेस्टिंग कुछ दिनों में ही होने वाली है लेकिन हरवेस्टिंग होने से पहले ही बंदरों ने लगभग 200 300 की तादाद में बंदर आकर के मक्के की फसल को नष्ट कर अपना भोजन बना लिए है किसान की फ़सल को तबाह बर्बाद कर दिए नष्ट कर दिए यू कहना गलत ना होगा कि किसानो की खून पसीने के मेहनत के बाद घर आई फसल खत्म हो गई है बंदरों ने पूरे मक्का को तोड़कर खा गए नष्ट कर दिए बर्बाद कर दिए अब किसान जो है अपने आप को आसहज वा उदास सा महसूस कर रहा है अपने आप को नुकसान में महसूस कर रहा है
वन विभाग सुस्त क्यों ❓

अब ऐसे में वन विभाग की आज तक इसमें नजर नहीं पड़ी और ना ही किसी प्रकार की इसमें सहायता और ना ही उपाय वन विभाग ने निकाली हर वर्ष बंदरों की वजह से किसानों की खेती नुकसान में चली जाती है

बंदर जंगल छोड़कर क्यों गांव पहुंच रहे बड़ा सवाल
क्या क्या वन्यजीवों के लिए इतने बड़े वन परिक्षेत्र पास में चीता लता के घने जंगल होने के बावजूद बंदर क्यों गांव की ओर आ रहे हैं यह बड़ा सवाल बना हुआ है क्या वन विभाग जंगल नहीं बचा पा रहा है यह वन्य जीव को संरक्षित नहीं कर पा रहा है सवाल खड़े हो गए हैं अब देखना होगा कि इस मामले पर क्या कार्रवाई होती है और किसानों को किस तरह से राहत प्रशासन उपलब्ध कराती है
किसानो ने की मुवाजे की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के द्वारा जितनी फसल नष्ट की गई है मौका मुआयना कर मुआवजा राशि की मांग की है।

Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









