
दरअसल पुरा मामला सरगुजा जिले के मैनपाट का है जहां कुछ व्यक्तियों द्वारा अपने नाम पर लगभग 1000 एकड़ शासकीय भूमि दर्ज कर लिया एवं ऋण निकाल लिया और धान भी उस जमीन पर बेचा जा रहा है जिसमें लिपिक के पद पर पदस्थ मोहन यादव और उनके परिवार के सदस्यों का नाम शासकीय भूमि में दर्ज होना पाया गया है मोहन यादव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाने हेतु लेख प्रस्तुत किया गया है एवं उक्त मामले में मोहन यादव लिपिक को सेवा से पृथक बर्खास्त कर दिया गया है


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