
नशा मुक्त युवा अभियान
(मेरा स्वास्थ्य मेरा गौरव) के अंतर्गत
स्वास्थ्य परीक्षण के साथ विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
315 छात्र-छात्राओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प, चिकित्सा दल ने किया व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण
अंबिकापुर। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के उद्देश्य से सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ उठाया तथा नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का प्रथम सत्र प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ आर पी सिंह द्वारा चिकित्सा दल का स्वागत किया गया।
डॉ. मनीष तिवारी, मेडिकल ऑफिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नवापारा के नेतृत्व में चिकित्सा दल ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। विद्यार्थियों की सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। मौसमी बीमारियों से संबंधित समस्या पाए जाने पर विद्यार्थियों को आवश्यक दवाइयां तत्काल उपलब्ध कराई गईं, जिससे विद्यार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर ही प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का लाभ मिला। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वास्थ्य संबंधी अपनी समस्याओं की जांच कराई।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों को नशामुक्ति, स्वस्थ जीवनशैली और युवावस्था में सकारात्मक आदतों के विकास के संबंध में जागरूक किया गया।
DEIC से श्री कमल नारायण ने विद्यार्थियों को नशे से बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देते हुए नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशे जैसी बुरी आदतों से स्वयं को दूर रखने का आह्वान किया।
वहीं श्री नवीन सिंह, जिला क्वालिटी कंट्रोलर ने युवावस्था को जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण बताते हुए विद्यार्थियों से बुरी आदतों से बचने और नशे से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने समय और ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों तथा समाजोपयोगी कार्यों में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अच्छी आदतें ही स्वस्थ, सफल और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण का आधार हैं।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में श्रीमती रानु गुप्ता, कंसलटेंट एनटीपीसी, श्री अनिल पैकरा, ड्रग इंस्पेक्टर, श्री आदर्श चक्रधारी, फार्मासिस्ट, श्री विमल केरकेट्टा, ट्रेसर तथा श्रीमती गरिमा सिंह, ट्रेसर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को व्यापक एवं प्रभावी स्वरूप प्रदान किया।
315 विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पक्ष रहा कि महाविद्यालय के 315 छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से नशे से मुक्त रहने तथा नशे से दूर रहने की शपथ ग्रहण की। विद्यार्थियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से स्वयं को दूर रखने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वास्थ्य परीक्षण का भरपूर लाभ उठाया। स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाइयों के वितरण तथा नशामुक्ति संबंधी जागरूकता गतिविधियों के कारण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी रहा।
महाविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले चिकित्सा दल, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित न रहकर युवाओं को स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और नशामुक्त समाज की दिशा में प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी दीपिका स्वर्णकार एवं श्री राजीव कुमार द्वारा किया गया।












