
डायवर्सन आदेश और फाइल दिखाने के बदले ₹10 हजार मांगने का आरोप, 8 माह से प्रकरण लंबित रखने की शिकायत
अंबिकापुर। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अंबिकापुर की डायवर्सन शाखा में पदस्थ कर्मचारी देवराज चौधरी के खिलाफ एक अधिवक्ता ने गंभीर शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत में डायवर्सन आदेश एवं संबंधित फाइल दिखाने के एवज में ₹10 हजार की राशि मांगने तथा राशि नहीं देने पर करीब 8 माह से प्रकरण लंबित रखने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ता अनुराग तिवारी द्वारा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डायवर्सन शाखा अंबिकापुर को दिए आवेदन में बताया गया है कि युगल किशोर तिवारी की ग्राम अंबिकापुर तहसील अंबिकापुर स्थित भूमि खसरा क्रमांक 2117/6, रकबा 0.022 हेक्टेयर के कृषि भूमि से आवासीय प्रयोजन के लिए डायवर्सन संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
शिकायत के अनुसार, प्रकरण में ईश्तहार प्रकाशन एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी संबंधित फाइल और मूल्यांकन राशि की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि डायवर्सन शाखा में पदस्थ देवराज चौधरी द्वारा कथित रूप से ₹10 हजार की मांग की गई और राशि नहीं दिए जाने के कारण प्रकरण को आगे नहीं बढ़ाया गया।
ऑनलाइन दर्ज नहीं करने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित प्रकरण को ऑनलाइन माध्यम से दर्ज नहीं किया गया। आवेदन में इसकी जिम्मेदारी निर्धारित करने और संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण लिए जाने की मांग की गई है।
फाइल जब्त कर जांच की मांग
अधिवक्ता अनुराग तिवारी ने आवेदन के माध्यम से करीब 8 माह तक प्रकरण लंबित रखने के कारणों की जांच, फाइल को तत्काल जब्त कर सुरक्षित रखने तथा संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार कर्मचारी के विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की जाए तथा लंबे समय तक प्रकरण लंबित रहने से आवेदक को हुई परेशानी के संबंध में उचित क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
फिलहाल आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत पर संबंधित विभाग द्वारा जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !











