चिड़ापारा शासकीय उचित मूल्य दुकान में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग, खाद्य निरीक्षक पर एकतरफा कार्रवाई और अभद्र व्यवहार का आरोप

चिड़ापारा शासकीय उचित मूल्य दुकान में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग, खाद्य निरीक्षक पर एकतरफा कार्रवाई और अभद्र व्यवहार का आरोप

रुपेश गुप्ता सीतापुर। ग्राम पंचायत चिड़ापारा की शासकीय उचित मूल्य दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सीतापुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर पूर्व संचालनकर्ता के कार्यकाल में हुई कथित खाद्यान्न अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा वर्तमान खाद्य निरीक्षक द्वारा की जा रही कार्रवाई की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन राजाराम तिर्की पिता चमरू द्वारा किया जा रहा था। उनके कार्यकाल में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायतों के बाद किए गए जांच एवं भौतिक सत्यापन में ऑनलाइन स्टॉक की तुलना में 45.36 क्विंटल चावल तथा 0.88 क्विंटल शक्कर कम पाई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त कमी की अब तक भरपाई अथवा रिकवरी नहीं की गई है।

इसके अलावा लगभग तीन माह का चना हितग्राहियों को वितरित नहीं किए जाने तथा बाहर बिक्री किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इन पुराने मामलों का निराकरण एवं कथित खाद्यान्न कमी की रिकवरी किए बिना पूर्व संचालक को दोबारा दुकान का संचालन सौंपे जाने पर आपत्ति जताई है।

खाद्य निरीक्षक पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप

आवेदन में वर्तमान खाद्य निरीक्षक गौर सिंह जातरे पर भी एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, एसडीएम कार्यालय में न्यायालय के स्थगन आदेश तथा पुष्पा स्वयं सहायता समूह को प्रभार दिए जाने संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बावजूद उनका समुचित परीक्षण नहीं किया गया।

आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि खाद्य निरीक्षक द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को सूचना दिए बिना अवकाश के दिन उचित मूल्य दुकान का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया गया। इस दौरान आपत्ति किए जाने पर कथित रूप से अधिकारी द्वारा स्वयं को अधिकारी बताते हुए ताला तोड़ने संबंधी धमकी दी गई। ग्रामीणों ने इस व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने एसडीएम से मांग की है कि—

पूर्व संचालक के कार्यकाल में हुई खाद्यान्न कमी की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

45.36 क्विंटल चावल एवं 0.88 क्विंटल शक्कर की कमी की रिकवरी की स्थिति स्पष्ट की जाए।

तीन माह के चना वितरण संबंधी शिकायत की जांच कराई जाए।

जांच पूरी होने तक पूर्व संचालक को दोबारा दुकान का प्रभार न दिया जाए।

वर्तमान संचालक को उचित मूल्य दुकान का संचालन यथावत रखने का आदेश दिया जाए।

खाद्य निरीक्षक द्वारा कथित रूप से की गई एकतरफा कार्रवाई एवं ताला तोड़कर प्रवेश करने के मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


आवेदनकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि तीन दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा आंदोलन करते हुए एसडीएम कार्यालय सीतापुर का घेराव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

नोट: उपरोक्त आरोप आवेदनकर्ताओं/ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा संबंधित अधिकारियों/पूर्व संचालक का पक्ष इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

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Author: SNT NEWS

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