
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शव परीक्षण गृह की व्यवस्था चरमराई, बिजली गुल होते ही बर्फ की सिल्ली के सहारे शव सुरक्षित रखने की मजबूरी
अंबिकापुर संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शव परीक्षण गृह (मोर्चरी) की गंभीर अव्यवस्था सामने आई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर शवों को सुरक्षित रखने के लिए कर्मचारियों को बर्फ की सिल्ली तोड़कर शवों के बीच रखना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, मोर्चरी में अब तक जनरेटर की विद्युत लाइन नहीं पहुंच पाई है। जनरेटर से कनेक्शन नहीं होने के कारण बिजली बंद होते ही कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था ठप हो जाती है, जिससे शवों को सुरक्षित रखना अस्पताल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
मौके पर कर्मचारी बर्फ की सिल्ली तोड़कर शवों में रखते हुए नजर आए, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की तैयारियों और व्यवस्थाओं की पोल खोलती है।
इस संबंध में मोर्चरी प्रभारी डॉ. सेटों बाघ ने बताया कि जनरेटर की तारें अभी तक शव गृह से नहीं जुड़ी हैं, जिसके कारण बिजली कटने पर यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
अब सवाल यह है कि जब संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही शवों को सुरक्षित रखने की मूलभूत व्यवस्था अधूरी है, तो जिम्मेदार विभाग इस गंभीर लापरवाही को कब तक नजरअंदाज करेगा।












