
वन कटाई और कब्जे के आरोपों से गरमाया मामला, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
कुसमी सामरी रविवार जिले के शंकरगढ़ अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में जंगल कटाई और जमीन कब्जे के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपकर वन विभाग के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारी राम प्रसाद राही डिप्टी रेंजर, वनरक्षक राम नगीना सोनवानी, वनरक्षक युधिष्ठिर राम, इन लोगों के द्वारा किसी प्रकार का कोई कार्यवाही जंगल को काटने वाले लोगों पर नहीं किया जाता था उल्टा उन्हें संरक्षण दिया जाता था
मनोहरपुर, पौड़ी, पेरवा और विनायकपुर क्षेत्र में जंगलों की बड़े पैमाने पर कटाई कर बाहरी लोगों को कब्जा दिलाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कथित रूप से रकम लेकर कार्रवाई को नजरअंदाज किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और वन संसाधनों पर निर्भर आदिवासी समुदाय की आजीविका पर संकट गहराने लगा है। पशुओं के चारे, जल स्रोतों और जंगल से मिलने वाली उपज पर भी इसका असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है।
Author: SNT NEWS
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